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झारखंड में शराब महंगे होने से बिक्री पर असर, सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी राजस्व हानि

झारखंड में शराब महंगे होने से बिक्री पर असर, सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी राजस्व हानि

संक्षेप:

झारखंड की नई शराब नीति ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की है। ओडिशा में शराब के दाम कम होने के कारण लोग वहां से शराब खरीद रहे हैं, जिससे झारखंड सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। दुकानदारों ने सरकार से दरों पर पुनर्विचार की मांग की है।

Tue, 2 Dec 2025 11:44 AMNewswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
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गुवा । झारखंड में हाल ही में लागू हुई नई शराब नीति का असर अब साफ देखने को मिल रहा है। शराब के दाम बढ़ने से सीमावर्ती इलाकों—गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थित झारखंड के शराब दुकानों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। पैसों की बचत के लिए लोग बड़ी संख्या में पड़ोसी राज्य ओडिशा से शराब खरीद रहे हैं, जिससे राज्य सरकार को राजस्व नुकसान झेलना पड़ रहा है। क्या है मामला? नई नीति के तहत झारखंड में शराब की दरें पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी बढ़ गई हैं। उदाहरण के तौर पर, झारखंड में जिसकी एक बोतल की कीमत 800 रुपये है, वही ब्रांड ओडिशा में 640 रुपये में उपलब्ध है।

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इस 160 रुपये के अंतर के कारण उपभोक्ता सीमावर्ती क्षेत्रों से ओडिशा जाकर शराब की खरीदारी कर रहे हैं। परिणामस्वरूप झारखंड के दुकानों की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो झारखंड में शराब कारोबार का बड़ा हिस्सा ओडिशा शिफ्ट हो जाएगा और सरकार का करोड़ों रुपये का राजस्व प्रभावित होगा। कई दुकानदारों ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए दरों में पुनर्विचार की मांग की है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खरीद-बिक्री और राजस्व हानि दोनों पर रोक लग सके। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब कीमतों में इतना अंतर हो, तो स्वाभाविक है कि लोग सस्ती शराब की ओर आकर्षित होंगे। फिलहाल नई नीति विवाद का विषय बनी हुई है और कारोबारी इसके समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।