मलेरिया उन्मूलन व एमडीए फोकल राउंड को लेकर विभागों के साथ हुई बैठक
चाईबासा में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए सभी विभागों से सहयोग की अपेक्षा की गई। सिविल सर्जन ने जल स्रोतों की नियमित देखभाल और किसानों को जागरूक करने का आग्रह किया। बैठक में मलेरिया जांच किट की उपलब्धता और जागरूकता अभियानों पर भी चर्चा हुई।
चाईबासा।शुक्रवार को प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. मीना कलुन्डिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में वेक्टर जनित रोगों की व्यापकता को देखते हुए सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा इन रोगों के उन्मूलन में सहयोग करने की अपेक्षा की गई। साथ ही जिले में मास फीवर सर्वे के लिए अपने-अपने स्तर से सभी को सहयोग हेतु आग्रह किया। सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में वन क्षेत्रों की अधिकता होने के कारण वेक्टर जनित रोगों का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारी से जल स्रोतों के नियमित उपचार कराने तथा जल जमाव वाले तालाबों में गम्बुजिया मछलियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता (पेयजल) से आग्रह किया कि किसानों को जल जमाव से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक करें तथा वेक्टर के प्रजनन को रोकने के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करें।जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी विद्यालयों के माध्यम से बच्चों एवं समुदाय को जागरूक करने में सहयोग की अपेक्षा की गई। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि गांवों में कार्यरत सभी सहियाओं के पास मलेरिया जांच किट उपलब्ध है, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की जांच घर पर ही कराई जा सकती है। जेएस एलपीएस से सहयोग अपेक्षित है कि गांवों में मरीजों को ससमय जाँच एवं उपचार उपलब्ध करवाने में सहयोग करें।सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी से वेक्टर जनित रोगों से बचाव को लेकर नियमित जागरूकता अभियान चलाने में सहयोग करने का अनुरोध किया गया। जिला वेक्टर बोर्न डिजीज सलाहकार शशि भूषण महतो ने बताया कि जिले में कार्यरत सभी निजी प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं ग्रामीण चिकित्सकों को मलेरिया जांच के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सभी प्रखंडों को योजना बनाकर जिले में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए कार्य करने का निर्देश दिया गया।राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर 10 मार्च तक जिला कार्यालय को अवगत कराने को कहा गया है, ताकि अप्रैल माह में प्रस्तावित सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की कार्ययोजना समय पर तैयार की जा सके। सुजीत गोयल ने अपनी बातों को रखा।बैठक में जिला आर.सी.एच. पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, सिनी के राज्य एवं जिला प्रतिनिधि, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, डीपीसी सहिया, मनीष कुमार, पिरामल फाउंडेशन की टीम, सिनी की प्रखंड टीम, सभी प्रखंडों के वीबीडी इंचार्ज उपस्थित थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


