
डीएवी में सृजन 2025 व विद्यालय पत्रिका पल्लव का हुआ विमोचन
चाईबासा के सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में बाल दिवस पर सृजन 2025 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सुरेश प्रसाद सिंह ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई, जिसमें कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के बच्चों ने भाग लिया।
चाईबासा। स्थानीय सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में बाल दिवस के अवसर पर सृजन 2025 का आयोजन व विद्यालय पत्रिका पल्लव के 17 वें अंक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, अतिथियों के स्वागत, डीएवी गान, प्रधानाचार्य व अतिथियों द्वारा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर समाजसेवी व उद्यमी सुरेश प्रसाद सिंह उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सृजन जैसी प्रदर्शनी बच्चों की रचनात्मक सोच को नया आयाम देने का सशक्त माध्यम है। इसके द्वारा बच्चे स्वयं को स्वच्छंद होकर अभिव्यक कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय पत्रिका बच्चों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने उनके लेखों, कविताओं और कलाकृतियों को एक साथ लाने का एक मंच है। उन्होंने कहा कि डीएवी चाईबासा पर पूरे जिले और कोल्हान को गर्व है। उन्होंने यहां के बच्चों के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी रचनात्मक कृतियों से सभी को प्रेरणा लेने की अपील की। प्राचार्य-सह -एआरओ ओपी मिश्रा ने सभी को बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू को आधुनिक भारत के शिल्पकार की संज्ञा दी। उन्होंने बच्चों को निदा फ़ाज़ली का एक शेर सुनाते हुए कहा बच्चों के नन्हे हाथों को चांद सितारे छूने दो, चंद किताबें पढ़कर वो हम जैसे हो जाएंगे। उन्होंने सभी से यह अपील करते हुए कहा कि बच्चों को दायरे से बाहर निकलने का मौका दें। ये बच्चे ही आगे चलकर एक सुंदर समाज और एक सुंदर संसार की रचना करेंगे। स्वागत गान कक्षा सातवीं की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। सृजन के इस व्यापक मंच पर हिंदी, अंग्रेजी,संस्कृत, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर साइंस, गणित, संगीत, सामाजिक विज्ञान,कला और शिल्प पर आधारित प्रदर्श बच्चों ने प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के बच्चों ने शिरकत की। इस अवसर पर भारी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। विविध विषयों के कार्यशील प्रदर्श आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। इस अवसर पर विभिन्न विषयों के निर्णायक मंडली के सदस्य के रूप में उज्ज्वल भद्रा, विश्वजीत सतपथी,उत्तम कुमार घोष, रतन दे, असित सिंहदेव और विश्वजीत दत्ता मौजूद रहे। गौरतलब हो कि सृजन 2025 में लगभग 400 प्रदर्श और 1199 प्रतिभागी शामिल हुए।धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक चंद्रशेखर ने दिया। मंच संचालन शिक्षिका विजय लक्ष्मी बास्के व मनीषा सिन्हा ने किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


