बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने सदर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना दिया
चाईबासा में बाल अधिकार सुरक्षा मंच ने शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के लिए धरना दिया। प्रमुख मांगों में आरटीई एक्ट 2009 के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति, सभी स्कूलों में पाकशाला, शौचालय, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

चाईबासा, संवाददाता। बाल अधिकार सुरक्षा मंच, पश्चिमी सिंहभूम ने मंगलवार को सदर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम सदर अनुमंडल पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया। वक्ताओं ने बताया कि सदर चाईबासा, झींकपानी, टोंटो और हाटगम्हरिया में शिक्षकों की भारी कमी है। इन इलाकों में पाकशाला, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। आरटीई एक्ट 2009 के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 30 छात्रों पर एक शिक्षक और माध्यमिक विद्यालयों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का प्रावधान है। इन चार प्रखंडों के 245 प्राथमिक विद्यालयों में 22,739 विद्यार्थियों पर मात्र 357 शिक्षक हैं। यहां अभी 402 शिक्षकों की जरूरत है।
इसी तरह 118 माध्यमिक स्कूलों में 20,427 विद्यार्थियों पर 386 शिक्षक हैं। इनमें 197 और शिक्षकों की आवश्यकता है। वर्तमान में इन स्कूलों में 120 एकल शिक्षक वाले स्कूल हैं। लगभग 30 प्रतिशत स्कूलों में शौचालय नहीं है। 25 प्रतिशत स्कूलों में पेयजल की सुविधा भी नहीं है।धरना में मुखिया दिनेश चंद्र बोईपाई, बाबूराम लागुरी, जयप्रकाश लागुरी, गुलशन सुंडी, मोटे बोईपाई, जयश्री कुंकल, अनीता कोरा, सुमित्रा देवगम, रानी मेलगांडी, गुनन देवगम, जगमोहन सवैन्या, माधव चंद्र कुंकल, अधिवक्ता रमेश जेराई, बुकुल सिंकु, बीरेंद्र सिंकु, मार्टम लागुरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।प्रमुख मांगें: आरटीई एक्ट 2009 के मान और मानकों के अनुसार अविलम्ब शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। सभी स्कूलों में पाक शाला, शौचालय, पेयजल, बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रसोईया दीदियों को नियमित किया जाए। प्रत्येक प्रखण्ड के सभी उच्च विद्यालय में छात्रावास सुविधा सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विद्यालयों में चारदीवारी व बाउंड्री का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक पंचायत स्तर में उच्च विद्यालय की स्थापना सुनिश्चित की जाए। नामांकन के समय में बच्चों को दस्तावेज का बोझ न दिया जाए, इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी विभाग की होगी।प्रत्येक विद्यालय में खेल मैदान अनिवार्य रूप से व्यवस्था की जाए। प्रत्येक उच्च विद्यालय में स्मार्ट क्लास के साथ-साथ स्मार्ट बोर्ड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विद्यालय तक जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षा प्रहरी (गार्ड) की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
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