
महिला स्वयं सहायता समूहों को बाल अधिकार पर किया गया जागरूक
संक्षेप: जगन्नाथपुर प्रखंड में एस्पायर संस्था द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बाल अपराध, बाल हिंसा, बाल नशापान, बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ...
जगन्नाथपुर, संवाददाता। जगन्नाथपुर प्रखंड के उरांवसाई स्थित सामुदायिक भवन में बुधवार को एस्पायर संस्था के तत्वावधान में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल अपराध, बाल हिंसा, बाल नशापान, बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम को लेकर महिलाओं को जागरूक करना था। इस कार्यशाला में उरांवसाई और ढीपासाई की लगभग आठ महिला स्वयं सहायता समूहों की अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्य शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत बाल अधिकारों की जानकारी से हुई, जिसमें महिलाओं को बताया गया कि परिवार और समाज में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण कितना आवश्यक है।
एस्पायर संस्था की कार्यकर्ता जानकी पिंगुवा और बिशाल गोप ने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में बाल अधिकारों के उल्लंघन, बाल हिंसा और बाल नशापान जैसी बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी नाबालिग बच्चे (18 वर्ष से कम आयु) को नशा संबंधित वस्तु न मंगवाया जाए और न ही उन्हें ऐसे माहौल में भेजा जाए। कार्यशाला में बताया गया कि बच्चों के सामने अभद्र भाषा या हिंसा का प्रयोग करना भी बाल अधिकारों का हनन है। साथ ही महिलाओं को शिक्षा का अधिकार कानून, बाल विवाह निषेध कानून जैसी महत्वपूर्ण विधियों की जानकारी दी गई ताकि समाज में इन कानूनों का पालन सुनिश्चित हो सके। बैठक के अंत में स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने निर्णय लिया कि आगामी 5 नवम्बर को पुनः सामुदायिक भवन उरांवसाई में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जगन्नाथपुर पंचायत के विद्यालयों और आंगनवाड़ियों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा तथा संबंधित पदाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।

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