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जिले में कुपोषण एक बड़ी समस्या : उपायुक्त

जिले में कुपोषण एक बड़ी समस्या : उपायुक्त

उपायुक्त अरवाराज कमल ने कहा कि कुपोषण पश्चिमी सिंहभूम की एक बड़ी समस्या है। इसका कारण गरीबी और बच्चियों की कम उम्र में शादी करना है। उन्होंने कहा कि अगर इन स्थितियों में सुधार नहीं लाया गया तो बच्चों के म़ृत्यु का प्रतिशत और भी भयावाह हो सकता है। कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से निबटने के लिए सभी विभागों को समन्यवय बना कर काम करना होगा ताकि इस पर नियंत्रण पाया जा सके। उपायुक्त सोमवार को पिल्लाइ्र हॉल में राष्ट्रीय पोषण मिशन कार्यक्रम की शुरुआत कर सेविकाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में 6हजार अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चे हैं। इनके स्थितियों में सुधार लाने के लिए सभी को मिल कर काम करना है। खूंटपानी की सेविका ने देश में नाम कमाया : उपायुक्त ने खूंटपानी के सेविकाओं के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि सभी अच्छा काम कर रही हैं। खूंटपानी के सेविकाओं द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ केन्द्र सरकार के स्तर से हुई है। उन्होंने कहा कि खूंटपानी को कुपोषण से मुक्त करना है। उन्होंने उपस्थित सभी सेविकाओं को खूंटपानी मॉडल के कार्यों को अपनाने की सलाह दी। सभी आंगनबाड़ी भवन बनेंगे : उपायुक्त ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह तक सभी आंगनबाड़ी केन्द्र बन कर तैयार हो जाएंगे। पूर्व के केन्द्र जहां बिजली नहीं थी, वहां विद्युत कनेक्शन दिया जाएगा। इन आंगनबाड़ी केन्द्रो पर दिसंबर माह तक 1 लाख बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वस्थ्य कार्यक्रम के तहत उनकी जांच की जाएगी। बाल स्वास्थ्य सप्ताह के दैारान गंभीर बीमारियों की जांच की जाएगी और 14 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य बीमा भी कराया जाएगा। इस दौरान उपायुक्त ने सभी धात्री महिलाओं को चार महत्वपूर्ण टिप्स दिए। गर्भवती माताओं का चार एन्टी नेटल चेकअप, संस्थागत प्रसव, बच्चे को समय पर सभी टीके लगाने तथा 6 माह होने पर मां बच्चे को दूध के साथ अतिरिक्त आहार दें। इससे पूर्व उपायुक्त, उपविकास आयुक्त तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने 8 बच्चों का अन्नपरासन करावाया। माताओं का गोदभराई कराया गया। इसमें महिलाओं को खाने के लिये फल सहित कुछ पौष्टिक आहार दिए गए। इस मौके पर उप विकास आयुक्त आदित्य रंजन, समाज कल्याण पदाधिकारी नीतिश कुमार सिंह सीएस मंजू दुबे आदि से विचार व्यक्त किए। मौके पर मुख्या रूप से खूंटपानी तथा चाईबासा की सेविका उपस्थित रही। जबकि जिला के सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रही।

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  • Web Title: 41 5000 jile mein kuposhan ek badee samasya upaayukt Malnutrition in the district is a major problem Deputy Commissioner