अब CBI बताएगी सच्चाई! मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी से ED ऑफिस में मारपीट केस में झारखंड HC का आदेश
प्रवर्तन निदेशालय (ED) रांची जोनल ऑफिस में मारपीट मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान एक आरोपी से मारपीट करने के मामले की झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) रांची जोनल ऑफिस में मारपीट मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान एक आरोपी से मारपीट करने के मामले की झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है। इस मामले में जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच सही रहेगी।
इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने 24 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े करीब 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोपी संतोष कुमार 12 जनवरी को बिना किसी समन के स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा। पूछताछ के दौरान उसने अचानक उग्र होकर खुद ही पानी का जग उठाकर अपने सिर पर मार लिया, जिससे उसे मामूली चोट आई।
ED ने की थी मांग
ईडी अधिकारियों ने उसे तत्काल सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया, लेकिन बाद में उसी व्यक्ति ने ईडी अधिकारियों पर मारपीट और अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी। इसके बाद रांची पुलिस की टीम ईडी कार्यालय पहुंच गयी और महत्वपूर्ण दस्तावेज की छानबीन करने लगी। ईडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया था।
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर


