रांची में गरजा बुलडोजर, ढहा दी गईं 60 दुकानें और घर; कई परिवार बेघर

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड में लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। शनिवार को रांची में बुलडोजर चलाकर करीब 60 अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई में कई परिवार बेघर हो गए हैं।

Bulldozer Action in ranchi news

झारखंड में अवैध निर्माण और अवैध कब्जों पर लगातार ऐक्शन जारी है। इस दौरान अलग-अलग शहरों में कई सौ करोड़ रुपए की जमीन कब्जामुक्त करवाई है। रांची में शनिवार को भी नगर निगम ने 60 से अधिक अवैध दुकानें और अस्थायी निर्माण हटाए गए। टीम ने मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस के पास ऑक्सीजन पार्क के पास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटा दिया। यहां पर निर्माण तोड़े जाने से सड़क पर आए परिवार को रात में मार्केट के पास शेड में शिफ्ट किया गया।

आश्रय गृह भेजे जाएंगे परिवार

जानकारी के अनुसार रविवार सुबह उन्हें आश्रय गृह में भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें आवास देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीड़ित महिला सरिता और उसकी बेटी लक्ष्मी मुंडा से रात में मेयर ने मुलाकात की। निर्माण टूटने से महिला अचेत हो रही थी। दूसरी ओर रांची कॉलेज के सामने तिरुपति टावर परिसर में गिफ्ट डीड की भूमि पर अवैध रूप से संचालित रिया जेरॉक्स दुकान को भी हटाया गया। हरमू रोड स्थित शनि मंदिर के पास पूर्व में मापी कर चिह्नित अतिक्रमण वाले क्षेत्र में भी बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाए गए। भारत माता चौक क्षेत्र में सड़क किनारे से भी कब्जों को हटाकर यातायात को सामान्य किया गया।

चेतावनी भी दी

बता दें कि झारखंड में लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। इस दौरान सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन अवैध कब्जों से मुक्त करवाई गई है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध निर्माण पर लगातार कार्रवाई चलती रहेगी। इस दौरान कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अवैध निर्माण दोबारा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

भारी सुरक्षा के बीच हुआ ऐक्शन

रांची में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान नगर निगम पूरे दल बल के साथ पहुंचा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स बुलाई गई थी, ताकि किसी भी तरह के विरोध या अड़चन को हटाया जा सके। हालांकि, इलाके में भारी पुलिस फोर्स होने के बाद भी स्थानीय लोगों ने विरोध किया लेकिन किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। कार्रवाई के दौरान बेघर हो रहे परिवारों का दर्द भी दिखा जब वो अपना सामान समेटने के लिए रात को सड़कों पर इधर-उधर भटक रहे थे। इस दौरान बच्चों की नींद भी टूटी और सामान लेकर खुले आसमाना के नीचे परिवारों ने अपनी रात गुजारी। प्रशासन का कहना है कि रविवार सुबह सभी परिवारों को आश्रय गृह भेजा जाएगा, जहां उनके लिए व्यवस्था की गई है।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें