रांची में गरजा बुलडोजर, ढहा दिए गए कई घर; पुलिस के साथ हाथापाई

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड में लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। मंगलवार को कई घरों को तोड़कर जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने आई प्रशासन की टीम का जमकर विरोध हुआ।

रांची बुलडोजर ऐक्शन
रांची में 12 घरों पर चला बुलडोजर

रांची में अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध हर तरफ होना शुरू हो गया है। मंगलवार को एचईसी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान और दुकान को हटाने गई टीम का जोरदार विरोध हुआ। इसके बावजूद प्रशासनिक टीम ने कई घरों को जमीनदोज कर दिया। इसके विरोध बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष सड़क पर उतर आए। सेटेलाइट कॉलोनी से बिरसा चौक जाने वाले मार्ग को छह घंटे तक जाम रखा।

जानकारी के अनुसार, एचईसी प्रबंधन के आग्रह पर मंगलवार को जिला प्रशासन की टीम सुबह आठ बजे सेटेलाइट कॉलोनी के समीप में बसी बस्ती से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। कई जेसीबी मशीन और मजिस्ट्रेट व फोर्स के साथ प्रशासन की टीम सुबह साढ़े आठ बजे अतिक्रमण हटाना शुरू की। स्थानीय लोग भड़क गए। प्रशासन की टीम का विरोध शुरू कर दिया। महिलाएं और पुरुषों ने जेसीबी मशीन को रोकना चाहा, मगर पुलिस उन्हें हटायी। इसी क्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष इक्ट्ठा हुए और अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध करने सड़क पर उतर आए। पुलिस के समझाने के बाद दोपहर ढाई बजे प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाया। शाम साढ़े चार बजे फिर से जाम कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद हटिया डीएसपी नीरज कुमार, जगन्नाथपुर, धुर्वा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भी उलझ गए। पुलिस के साथ नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, पुलिस की टीम ने आधे घंटे में ही सड़क से हटा दिया। बिरसा चौक और सेटेलाइट कॉलोनी के पास वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।

बच्चों की दुहाई देकर प्रशासन ने स्कूली बसों को निकाला

स्थानीय लोगों ने बाइपास रोड और मेकॉन को जोड़ने वाले मार्ग को जाम कर दिया था। दोपहर एक बजे के बाद कई स्कूलों की छुटटी हुई। सभी बस उसी मार्ग से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। इससे दर्जनों स्कूली बसें जाम में फंस गई। लेकिन, स्थानीय लोगों ने बसों को भी जाने नहीं दिया। कई बच्चे बस के अंदर भूख-प्यासे व्याकुल दिखे। पुलिस प्रशासन ने बच्चों की दुहाई देकर बसों को पार कराया।

जब आशियाना उजड़ा तो सड़क पर आ गए लोग

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनके आशियाने को निशाना बनाया गया है। इससे पहले भी अतिक्रमण के नाम पर उन्हें यहां से उजाड़ा गया था। उस वक्त प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बसाने और वैकल्पिक ठिकाना देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उन्हें रहने के लिए कोई जमीन या आवास आवंटित नहीं किया गया।

जाम में फंसे 9 विमान यात्री सफर से रह गए वंचित

बिरसा चौक से लेकर डोरंडा तक मेन रोड के जाम होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित रही। दिन के दस बजे से लेकर शाम तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। इसका असर विमान यात्रियों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट विलंब से पहुंचने पर नौ यात्रियों को नो शो का सामना करना पड़ा। इससे उनके सफर रद्द हो गया।

नहीं माने प्रदर्शनकारी विधायक जाम में फंसे

हटिया क्षेत्र के विधायक नवीन जायसवाल अपने वाहन से मेकॉन रोड से बाइपास की ओर के लिए निकले थे। उन्हें भी जामकर्ताओं ने रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें सारी बात बतायी। इसके बाद प्रर्शनकारी सरकार और एचईसी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विधायक काफी देर जाम में फंसे रहे।

महिलाओं और बुजुर्गों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

कार्रवाई के दौरान पीड़ित परिवारों, महिलाओं और बुजुर्गों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं। बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उनके घरों को तोड़ दिया गया, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे सड़क पर आने को मजबूर हो गए हैं। कहा कि मांग से थक-हारकर वे फिर से इसी जगह पर रह रहे थे। अब एक बार फिर बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस मुकम्मल व्यवस्था के उनके सिर से छत छीन ली गई है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उजाड़ना अमानवीय : सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने डिबडीह मार्ग पर सेटेलाइट कॉलोनी के पास से झुग्गी-झोपड़ी हटाने की निंदा करते हुए इसे अमानवीय कृत्य बताया। कहा कि संवेदनहीन सरकार गरीब परिवार को सड़क पर लाने पर आमदा है। मानसून में झुग्गी-झोपड़ियों को उजाड़ने से दर्जनों परिवार सड़क पर आ गए हैं। अभियान पर रोक लगनी चाहिए।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें
Hindi Newsझारखंड न्यूज़रांची में गरजा बुलडोजर, ढहा दिए गए कई घर; पुलिस के साथ हाथापाई