
रांची में पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच बुलडोजर ऐक्शन, झोपड़ियां जमींदोज
झारखंड की राजधानी रांची में प्रशासन की बड़ी बुलडोजर कार्रवाई सामने आई है। इसमें कई परिवारों के सिर से छत छिन गई है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
झारखंड की राजधानी रांची में एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई सामने आई है। रांची के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की आवासीय कॉलोनियों में वर्षों से झोपड़ियों और अस्थायी मड़ई में रह रहे परिवारों के घरों पर प्रशासन ने शनिवार को बुलडोजर चला दिया। बरियातू थाना के पीछे डॉक्टरों के क्वार्टर इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। साथ में प्रशासन की टीमें और अधिकारी भी डटे रहे।
इस अभियान में नगर निगम की टीम, रिम्स प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट शामिल थे। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। हालांकि बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण कोई बड़ा बवाल नहीं हुआ।
कई बेघर हुए परिवारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में भेदभाव हुआ है। कई मार्मिक दृश्य भी सामने आए, जिनमें एक सास-बहू 3 नवजात बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे अपने टूटे घरों को देखकर प्रशासन पर सवाल उठाती दिखीं।
पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार ने आज बताया कि यह कार्रवाई झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के तहत की गई। मानवीय संवेदना अपनी जगह है लेकिन कानून का पालन हर हाल में कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के आशियाने हटाए गए, उनमें से कई रिम्स में आउटसोर्स पर कार्यरत हैं।
एक शख्स ने सवाल उठाया कि जब परिसर में होमगार्ड जवान भी रह रहे हैं तो केवल आउटसोर्स कर्मियों की झोपड़ियां ही क्यों हटाई गईं? बता दें क झारखंड हाई कोर्ट ने केस संख्या डबल्यूपी (पीआईएल) 4736/2018 (ज्योति शर्मा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) की सुनवाई में रिम्स प्रबंधन और राज्य सरकार को 72 घंटे के भीतर परिसर से सभी अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद आज संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के लिए नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट साइनी तिग्गा ने बताया कि 3 टीमों ने रिम्स परिसर के अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई की।
अभियान के लिए नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट साइनी तिग्गा ने चेतावनी दी कि जो लोग अभी भी रिम्स की जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं वे खुद ही अतिक्रमण हटाएं अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं अतिक्रमण को हटाए जाने में आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।





