दूसरी जगह शादी तय होने पर गर्लफ्रेंड का मर्डर, प्रेमी ने चाकुओं से गोद डाला; जंगल में मिला कंकाल

Mohammad Azam हिन्दुस्तान, बोकारो
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झारखंड के बोकारो में एक बड़े हत्याकांड का खुलासा हुआ है। दूसरी जगह शादी तय होने पर प्रेमी ने चाकुओं से गोदकर प्रेमिका को मार डाला था। अब जंगल में प्रेमिका का कंकाल मिला है। आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है।

दूसरी जगह शादी तय होने पर गर्लफ्रेंड का मर्डर, प्रेमी ने चाकुओं से गोद डाला; जंगल में मिला कंकाल

बोकारो के पिंड्राजोरा स्थित मधुटांड़ जंगल से लापता 18 साल की पुष्पा का कंकालनुमा शव शनिवार को बरामद किया गया। यह बरामदगी सीआईडी डीआईजी संध्या रानी मेहता के नेतृत्व में गठित एसआईटी द्वारा संदेही आरोपी दिनेश महतो की निशानदेही पर की गई। टीम में डीएसपी आलोक रंजन, इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, सुदामा दास, खुर्शीद आलम और पुष्पराज सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

जुर्म कबूल किया और बताई पूरी कहानी

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिनेश महतो ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसका पुष्पा के साथ पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। इस बीच युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी और वह आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी दबाव से बचने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। आरोपी दिनेश महतो ने पुष्पा को चास कॉलेज के पास बुलाया और कॉलेज के पीछे जंगल में ले जाकर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।

पुष्पा के कपड़े और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद

घटना के बाद शव को जंगल में छिपा दिया गया था। रांची से आई फॉरेंसिक टीम ने मौके से कंकाल के साथ पुष्पा के कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है। सभी साक्ष्यों की जांच के लिए सैंपलिंग की गई है। इस मामले में युवती के परिजनों की उम्मीदों का दुखद अंत हो गया, जो पिछले कई महीनों से बेटी की सकुशल वापसी के लिए दर-दर भटक रहे थे। वहीं, पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को पुष्पा के लापता होने के बाद उसकी मां रेखा देवी ने थाने में लिखित आवेदन देकर दिनेश महतो को आरोपी बनाया था। लेकिन पुलिस ने उस समय शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।

अगस्त में हुई थी एफआईआर

4 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। परिजनों ने थाने से लेकर एसपी तक गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परिजन हाईकोर्ट पहुंचे, जहां कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बोकारो पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट की सख्ती के बाद डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में वन मैन कमीशन का गठन किया गया, जिसकी रिपोर्ट 15 अप्रैल को पेश की जानी है। इसके बाद सीआईडी की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए एसआईटी का गठन किया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

इस मामले पर एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस मामले थाना प्रभारी के नेतृत्व में बने पूर्व एसआईटी की भूमिका संदिग्ध थी। इसे देखते हुए थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन, आईओ अनिकेत, मुंशी अक्षय के अलावा अनिल यादव व राजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है, और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बताता चलूं कि पुष्पा अपहरणकांड का अनुसंधान चास एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह के देखरेख में चल रहा था।

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