गोमिया के सुदूर गांवों में जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात
गोमिया प्रखंड के दूरदराज गांवों में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाथियों ने किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। पुडरुदाग और महुआटांड़ गांवों में हाथियों ने लाखों रुपये का नुकसान किया है। स्थानीय किसान पलायन करने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

गोमिया। गोमिया प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई महीनों से हाथियों का उत्पात लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। महुआटांड़ थाना क्षेत्र के बडकीपुनू पंचायत अंतर्गत पुडरुदाग और महुआटांड़ गांव में हाथियों के झुंड ने भारी नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि रात के समय 10 से 12 की संख्या में जंगली हाथियों ने पुडरुदाग पंचायत में धावा बोला और किसानों की फसलों को पूरी तरह रौंद डाला। पुडरुदाग गांव के किसान सागराम सोरेन की लगभग 2 एकड़ भूमि में लगी टमाटर, मटर, फूलगोभी एवं बीन की फसल को हाथियों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया।
इतना ही नहीं, हाथियों ने उनके तीन कमरे के मकान और लगभग 40 फीट लंबी चाहरदिवारी को भी ध्वस्त कर दिया। वहीं महुआटांड़ गांव में सतेंद्र महतो और नागेश्वर महतो के बारी में लगे प्याज, आलू व मटर सहित कई अन्य फसलों को भी हाथियों ने रौंदकर नष्ट कर दिया। पीड़ित किसान सागराम सोरेन ने बताया कि वह पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं। हाथियों द्वारा लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाए जाने से उनकी कमर टूट गई है। अब रोजगार के लिए पलायन ही एकमात्र रास्ता बचा है। स्थानीय ग्रामीणों दशाय सोरेन व संजय कुमार सहित अन्य ने बताया कि रोज-रोज हाथियों के उत्पात से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शाम ढलते ही पूरे पंचायत में हाथियों के भय से लोग सहमे रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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