मंत्री की पहल पर पेटरवार-कसमार ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरू
पेटरवार में 39 गांवों को 10 दिनों से शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा था। विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद के हस्तक्षेप से रविवार से पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति शुरू हो गई। इससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की और मंत्री का आभार जताया। पेयजल संकट फंड की कमी के कारण उत्पन्न हुआ था।

पेटरवार, प्रतिनिधि। 10 दिनों से 39 गांवों को नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल शीर्षक से रविवार को हिन्दुस्तान समाचार पत्र में विस्तार से समाचार प्रकाशित होने के बाद राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद व मद्द निषेद विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने न केवल गंभीरता से लिया ,बल्कि उनके पहल पर रविवार से ही पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति बहाल करवा दी। रविवार से ही पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल मिलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, और मंत्री के प्रति आभार जताया। क्या था मामला: फंड के अभाव में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की महत्वाकांक्षी पेटरवार-कसमार ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले दस दिनों से बंद पड़ी था, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया था।
जलापूर्ति का कार्य संभाल रही एजेंसी (संवेदक) को विभाग की ओर से भुगतान नहीं किया गया था, जिसके चलते संवेदक ने काम रोक दिया था। परिणामस्वरूप पाइपलाइन से जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी और उपभोक्ताओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 39 गांव प्रभावित :पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तेनुघाट की ओर से पाइपलाइन के माध्यम से पेटरवार कसमार ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत पहले चरण में दोनों प्रखंडों के 39 गांवों को जोड़ा गया था। भोलगढा (पतकी पंचायत) में बने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से इन गांवों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन, फंड उपलब्ध नहीं होने के चलते संवेदक ने कार्य बंद कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप पिछले दस दिनों से जलापूर्ति बाधित था। स्थिति यह था कि पेटरवार और कसमार प्रखंड के 39 गांव पेयजल के गंभीर संकट से गुजर रहा था और स्थानीय लोग विभाग से शीघ्र व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे थे।

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