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तेनु-बोकारो नहर के तटीय गांव मलेरिया के लिए अति संवेदनशील

हिन्दुस्तान टीम,बोकारोPublished By: Newswrap
Sat, 12 Jun 2021 04:00 PM
तेनु-बोकारो नहर के तटीय गांव मलेरिया के लिए अति संवेदनशील

पूरे जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जाता है। बेरमो अनुमंडल अंतर्गत ऐसे अनेक ग्रामीण क्षेत्र हैं, जो मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। परन्तु पेटरवार अंचल अंतर्गत तेनु-बोकारो नहर के आस-पास के कई गांव तो ऐसे हैं जो अति संवेदनशील हैं। इनमें से वन क्षेत्र में बसे अधिकांश गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं जहां बरसात के दिनों में मलेरिया के मच्छरों का प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है और जागरूकता के अभाव में प्रतिवर्ष इन गांवों में मलेरिया अपने पांव आसानी से पसार लेता है।

हाल के वर्षों में मलेरिया से बचाव के लिए सरकार द्वारा मेडिकेटेड मच्छरदानी मुफ्त में वितरित किए गए थे परन्तु वे अब काफी नहीं हैं। पूर्व में इन क्षेत्रों में मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत डीडीटी का छिड़काव किया जाता था जो अब बंद हो चुका है। दूसरी ओर मलेरिया के मच्छरों से बचाव के लिए कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए इस संबंध में जागरूकता पैदा करने की भी आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की कई वर्ष पूर्व रिपोर्ट आई थी कि तेनु-बोकारो नहर क्षेत्र के निकट के अनेक गांव मलेरिया के लिए अति संवेदनशील हैं, जहां पिछले सालों में इससे अनेक मौतें हो चुकी हैं। ये गांव पेटरवार अंचल अंतर्गत आदर्श ‌पिछरी दक्षिणी के खेढ़ो, करनडीह, कोचाकुल्ही व सूइयाडीह, अंगवाली दक्षिणी के बेहरागोड़ा व नावाडीह, चलकरी के चलकरी, चांदो, खेतको झुंझको सहित कई गांव हैं। साथ ही ताज्जुब की बात है कि इस क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से नवनिर्मित अस्पताल अभी भी खोले नहीं जा सके हैं।

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