पांच दिनों में उजड़ गया परिवार, तीन मासूमों के सिर से उठा माता-पिता का साया
पांच दिनों में उजड़ गया परिवार, तीन मासूमों के सिर से उठा माता-पिता का सायापांच दिनों में उजड़ गया परिवार, तीन मासूमों के सिर से उठा माता-पिता का साया

बरमसिया ओपी क्षेत्र अंतर्गत दामूडीह पंचायत के गोपीनाथपुर गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव निवासी सपन मांजी और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी की महज पांच दिनों के अंतराल में मौत हो जाने से उनके तीन मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। माता-पिता के निधन के बाद बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। मृतक दंपत्ति के पुत्र विमल मांजी, विद्युत मांजी और पुत्री पल्लवी कुमारी की चीख-पुकार और विलाप से पूरा गांव गमगीन है। बताया जाता है कि दुबे काटा चौक पर देर रात ढाई बजे तक बच्चे अपनी मां के शव के पास बैठे रहे। मासूम बच्चों की आंखों में डर, असुरक्षा और भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी। जिस उम्र में उनके हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए थे, उस उम्र में वे अपने जीवन और दो वक्त की रोटी की चिंता में डूबे हैं。
घटना का प्रभाव
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अभी जीवन की कठिनाइयों को समझ भी नहीं पाए थे कि नियति ने उनसे माता-पिता दोनों को छीन लिया। गांव के लोग अपने स्तर से बच्चों की मदद कर रहे हैं, लेकिन तीनों बच्चों की स्थायी परवरिश, शिक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाना उनके लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस मार्मिक घटना की जानकारी मिलने पर चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बच्चों को ढांढस बंधाते हुए अपनी ओर से 10 हजार रुपये की नकद सहायता प्रदान की तथा समाज के लोगों से आगे आकर बच्चों की मदद करने की अपील की। ग्रामीणों ने प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से मांग की है कि बच्चों की शिक्षा, आवास और भरण-पोषण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इन मासूमों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


