DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोबाइल की लत छुड़ाने को लगेगी फिजिकल एजुकेशन की क्लास

स्कूली बच्चों में मोबाइल की लत बढ़ रही है। विद्यार्थियों को मोबाइल की लत से दूर करने और स्वस्थ रखने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन की कक्षाएं लगेंगी। इसके लिए स्कूलों में आदेश आ चुके हैं। इन विद्यार्थियों को हर रोज फिजिकल एजुकेशन की कक्षाओं में बैठना होगा। स्कूलों में पीटीआई रखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए आदेश के तहत अब विद्यार्थियों को खेलों की लिस्ट में से पसंदीदा खेल चुनना होगा और फिर मैदान में पसीना बहाना पड़ेगा। इसके लिए विद्यार्थियों को ग्रेड दिया जाएगा। इससे पहले, स्कूलों में वर्क्स एक्सपीरियंस और हेल्थ एजुकेशन की कक्षा लगती थी, जिसे बदलकर अब स्पोर्ट्स और हेल्थ एजुकेशन किया गया है। बोर्ड ने आदेश दिया कि फिजिकल एजुकेशन की कक्षाओं का टाइम टेबल फिक्स किया जाए। मनोचिकित्सक डॉ केएन ठाकुर का कहना है कि मोबाइल की लत के कारण विद्यार्थियों का स्वभाव बदल रहा है। वे न केवल चिड़चिड़े हो रहे हैं, बल्कि बड़ों का कहना भी नहीं मानते। बच्चों के इस व्यवहार की शिकायतें स्कूल शिक्षकों से की जा रही हैं। हर माह स्कूल में होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक में इस तरह की शिकायतें आती हैं। ग्राउंड में खेलने से विद्यार्थी तनावमुक्त रहेंगे और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। एआरएस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य विश्वजीत पात्रा का कहना है कि बोर्ड का आदेश मिलते ही स्कूल में फिजिकल एजुकेशन की कक्षा शुरू कर दी गई है। इस प्रयास का विद्यार्थियों की सेहत पर जरूर असर दिखाई देगा। स्कूल में फिजिकल एजुकेशन की कक्षा शुरू करने से छात्र-छात्रा मैदान जाने लगे हैं और किसी न किसी खेल से भी जुड़ने लगे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:To get rid of mobile addiction class will look like a physical education class