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निजी स्कलों में 11वीं में नामांकन को लेकर मारामरी शुरू, अभिभावक परेशान

निजी स्कलों में 11 वीं में नामांकन को लेकर मारामरी शुरू ,अभिभावक परेशान निजी स्कलों में 11 वीं में नामांकन को लेकर मारामरी शुरू ,अभिभावक परेशान निजी...

निजी स्कलों में 11वीं में नामांकन को लेकर मारामरी शुरू, अभिभावक परेशान
हिन्दुस्तान टीम,बोकारोWed, 15 May 2024 12:15 AM
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सीबीएसई बोर्ड की ओर से 10 वीं का रिजल्ट निकलते ही जिले के निजी स्कूलों में 11 वीं कक्षा में नामांकन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिले के निजी स्कूलों में 11 वीं कक्षा में नामांकन लेने को लेकर मारामारी शुरू हो गया है। जबकि जिले के टॉप स्कूलों में नामांकन लेने को लेकर एप्टुच्यूड टेस्ट भी लिया गया है। इसके नामांकन फॉर्म के रूप में जहां स्कूल प्रबंधन की ओर से 1500 से 2000 रूपए लिए गए है। निजी स्कूलों में सीट से ज्यादा चार गुणा आवेदन फार्म की बिक्री की जाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो यह राशि स्कूलों में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में है। स्कूलों में नामांकन को लेकर नामांकन शुल्क 70 हजार से लेकर 1 लाख तक अभिभावकों की जेब से वसूला जा रहा है।

साईंस के अलावे कामर्स संकाय में भी नामांकन की प्रक्रिया तेज

रिजल्ट निकलते ही जिले के कई निजी स्कूलों में साईंस के अलावे कामर्स संकाय में भी नामांकन की प्रक्रिया तेज कर दिया गया है। साईंस के लिए 90 प्रतिशत तक बच्चों को 10वीं में अंक लाना अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि कुछ स्कूलों में 85 प्रतिशत या फिर 80 प्रतिशत रखा गया है। इसको लेकर छात्र समेत अभिभावक भी परेशान है। 10 वीं बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत से कम अंक आने पर साइंस के बदले कामर्स में नामांकन करने को छात्र मजबूर हैं। इसक साथ ही जिले के निजी स्कूलों में अपने ही स्कूल के छात्रों का नामांकन लेने में परेशानी हो रही है। कम अंक आने के कारण छात्रों को अपने ही स्कूल में साइंस संकाय में नामांकन नहीं लिया जा रहा है। इसके बदले कामर्स संकाय में नामांकन लेने को कहा जा रहा है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।