देश के इतिहास में मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा हमला : सीटू

Jan 19, 2026 05:52 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बोकारो
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चित्र परिचय:06:जनसंपर्क अभियान में शामिल सीटू के मजदूर। देश के इतिहास में मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा हमला : सीटूदेश के इतिहास में मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा

देश के इतिहास में मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा हमला : सीटू

इस्पात मजदूर मोर्चा सीटू की टीम हॉट स्ट्रीप मिल विभाग के रि हिटिंग फर्नेस व स्लेब यार्ड में जन संपर्क अभियान किया। यूनियन के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा आज हम उस दौर में खड़े हैं जब श्रमिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने श्रम संहिताओं को क्रमशः वेतन संहिता,औद्योगिक संबंध संहिता,सामाजिक सुरक्षा संहिता व व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता में तब्दील करके पिछले 21 नवंबर को जबरन लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया इन श्रम संहिताओं का असली उद्देश्य स्थायी रोजगार को खत्म करना है। ठेका, आउटसोर्स और असुरक्षित काम को बढ़ावा देना,हड़ताल के अधिकार को छीनना है।

ट्रेड युनियन आंदोलन को कमजोर करना और पूंजीपतियों को खुली छूट देना है। यही कारण है कि देश के करोड़ों मजदूर, कर्मचारी, किसान और नौजवान इन श्रम संहिताओं का लगातार विरोध कर रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि राज्य सरकारें चाहें तो इन श्रम संहिताओं को अपने यहां लागू करने से रोक सकती हैं। इसलिए झारखंड सरकार से यहां इन कानूनों को लागू नहीं करने की मांग की। यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि झारखंड के मजदूरों के भविष्य की लड़ाई है। श्रम बाजार को एक ऐसा बाजार बनाया जा रहा है जहां मजदूर सिर्फ एक संसाधन होगा बिना सुरक्षा, बिना सम्मान और बिना अधिकार का। लेकिन मजदूर वर्ग चुप नहीं बैठेंगे।इस जन संपर्क अभियान में देव कुमार,आर आर पन्ना, इश्तियाक अंसारी,भरत दास, शंकर कुमार आदि शामिल रहे।

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