
चार सदस्यीय चिकित्सक टीम ने नहीं सौंपी है जांच रिपोर्ट
चार सदस्यीय चिकित्सक टीम ने नहीं सौंपी है जांच रिपोर्टचार सदस्यीय चिकित्सक टीम ने नहीं सौंपी है जांच रिपोर्टचार सदस्यीय चिकित्सक टीम ने नहीं सौंपी है
बोकारो, प्रतिनिधि। सोमवार को सिजेरियन के सिर्फ डेढ घंटे बाद प्रसूता की हुई मौत के मामले को सिविल सर्जन ने गंभीरता से लिया है। परिजनों की मांग पर सोमवार शाम को ही सिविल सर्जन ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी को 24 घंटे के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। जांच रिपोर्ट में गलती पाए जाने पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि चिकित्सक का यह भी कहना है कि कोई भी ऑपरेशन खाली पेट में किया जाता है। ऐसे में मरीज को परेशानी कम होती है। मरीज घर से खाना खाकर आयी थी। प्रसूता को प्रसव पीड़ा हो रहा था।
इनकी स्थिति को देखते हुए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। मृतिका करीना बीबी (24 साल) की पहली डिलेवरी सिजेरियन ऑपरेशन से सदर में हुआ था। इस बावत सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। सीएस ने कहा कि मरीज को घर से खिला कर लाया गया था। ऑपरेशन के बाद जच्चे-बच्चे की स्थिति ठीक थी। मरीज को अचानक उल्टी हुई। जिससे मरीज की गंभीर हो गयी। चिकित्सकों के लाख प्रयास के बाद मरीज को बचाया नहीं जा सका। मालूम हो कि मरीज चास प्रखंड के अलकुशा की रहने वाली थी।

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