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जिले में शराबबंदी की उठी आवाज

गांव में शराबियों से त्रस्त महिलाओं ने सोमवार को शराब मुक्त गांव बनाने का संकल्प लेने के साथ अभियान की शुरुआत की। इसका नेतृत्व पुपुनकी ग्राम पंचायत के मुखिया शिवलाल केवट ने किया। दर्जनभर महिलाओं ने शराब बनाने, बेचने के साथ पीने वालों का विरोध करने और प्रशासनिक मदद लेने का भी निर्णय लिया। मौके पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को लिखित रूप से शराब बंद करने के लिए जन प्रतिवेदन देने और पंचायत के हर टोला- मुहल्ले में शराब मुक्त गांव का अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया। मुखिया ने कहा कि महुआ शराब की बिक्री के कारण गांव का माहौल बिगड़ रहा है। रोजाना शराब के कारण झगड़े और विवाद के मामले सामने आ रहे हैं। घर में अशांति और कलह के साथ गांव का माहौल बिगाड़ने में शराबखोरी बड़ी समस्या बन गई है। बाध्य होकर महिलाओं ने आंदोलन कर जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पंचायत के हर टोला में दारू पीने और पीने पिलाने का दौर सुबह से देर रात तक चलता रहता है। काफी संख्या में मजदूरी करने वाले लोग शराब पीकर पत्नी, बच्चों के साथ गाली- गलौज के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई सहित घर के अन्य जरूरी काम के लिए पैसा जुटाना मुश्किल हो गया है। मजदूरी का पैसा दारू में उड़ा दिया जाता है। मुखिया ने कहा कि पुपुनकी गांव में भारी मात्रा में महुआ शराब की चुआई हो रही है, जिससे पीनेवालों की संख्या में हाल के दिनों में इजाफा हुआ है। शाम ढलने के बाद गांव का हर टोला मैखाने में तब्दील हो जाता है। शराबियों के उत्पात से सामान्य लोगों का जीना मुहाल हो गया है। महुआ शराब के कारण लोगों की सेहत बिगड़ रही है। दर्जनभर की संख्या में असमय मौत हो चुकी है। मुखिया ने कहा कि शराबखोरी बंद करने के लिए शुरू हुआ अभियान तबतक जारी रहेगा, जबतक पुपुनकी गांव पूर्ण रूप से शराब मुक्त नहीं हो जाता।

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