Hindi NewsJharkhand NewsBokaro NewsResidents of Petarwar Suffer Due to Dust from Kolkata-Varanasi Six-Lane Road Construction
उड़ते स्लैग डस्ट के कारण पेटरवार के रिहायशी इलाके के लोग परेशान

उड़ते स्लैग डस्ट के कारण पेटरवार के रिहायशी इलाके के लोग परेशान

संक्षेप:

पेटरवार के चरगी के रुकाम गांव के पास कोलकाता-वाराणसी सिक्सलेन सड़क निर्माण के कारण स्थानीय लोगों को डस्ट से परेशानी हो रही है। तेज हवाओं के कारण डस्ट घरों में समा जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें खाने-पीने के सामान को ढककर रखना पड़ता है और सफाई करनी पड़ती है।

Jan 31, 2026 05:03 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बोकारो
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पेटरवार, प्रतिनिधि। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना फेज टू के तहत चरगी के रुकाम गांव के पास बन रहे कोलकाता-वाराणसी सिक्सलेन सड़क निर्माण कार्य में लगे हाइवा से उड़ती डस्ट के कारण पेटरवार का एक चौथाई हिस्सा में निवास करने वाले लोगों को इन दिनों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण स्थल के पास बसंत पंचमी से चल रही तेज हवाओं के कारण जमा किए गए डस्ट उड़कर स्थानीय लोगों के घरों में समा जा रहा है जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्या है मामला: पेटरवार के स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घनी आबादी वाले इस इस ग्रामीण पथ से भारी वाहनों के लगातार आवागमन होने स्लैग डस्ट उड़कर घरों के अंदर समा जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों को काफी झंझावत झेलना पड़ता है।

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घनी आबादी होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे अक्सर सड़क पार करते रहते है, जिससे कभी भी बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। बता दे कि सिक्सलेन सड़क निर्माण स्थल पर भारी वाहनों को जाने के लिए सड़क मार्ग निर्धारित है, बावजूद उसके वाहन का डीजल बचाने के चक्कर में हाइवा रिहायशी मार्ग से प्रतिदिन गुजर रहे है। क्या कहते हैं प्रभावित लोग: पेटरवार के खत्री मोहल्ला, बक्शी टोला, रजक टोला, ठाकुर टोला, पटवा टोला व बुंडू के ग्रामीणों ने कहा कि डस्ट के कारण आसपास के घरों में डस्ट की मोटी परत जमा हो जा रहा है। खाने पीने के सामान को हमेशा ढक कर रखना पड़ रहा है। दिन भर में कई बार घर आंगन की साफ सफाई करना पड़ता है। वाहनों के परिचालन से केमिकल युक्त स्लैग डस्ट आंखों पर पड़ने से आंखों में जलन होने लगती है। उड़ते डस्ट के कारण खाना-पीना और सोना मुश्किल हो गया है।