फुसरो के पुराना बीडीओ ऑफिस में अमलो रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा आरओबी
बेरमो कोयलांचल के फुसरो और आसपास के इलाके वासियों की वर्षों पुरानी यातायात समस्या के दूर होने के दिन अब दूर नहीं हैं। अमलो रेलवे क्रॉसिंग पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है। रेलवे की इस पहल से आवागमन सुगम होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार आने की उम्मीद है।

बेरमो कोयलांचल के ह्रदय स्थल फुसरो और आसपास के इलाके वासियों की वर्षों पुरानी यातायात समस्या के दूर होने के दिन अब दूर नहीं हैं। अमलो रेलवे क्रॉसिंग पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है।
निर्माण कार्य का विवरण
गोमो-बरकाकाना रेलखंड के फुसरो स्टेशन और अमलो हॉल्ट के बीच पुराना बीडीओ ऑफिस स्थित अमलो रेलवे क्रॉसिंग (एलसी संख्या 13/एसपीएल) पर यह आरओबी बनेगा। यह जानकारी पूर्व मध्य रेलवे धनबाद मंडल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में दी गयी है। रेलवे निर्माण विभाग द्वारा परियोजना का प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जायेगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के लिए सीसीएल से अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रतीक्षा की जा रही है। रेलवे की इस पहल से आवागमन सुगम होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार आने की उम्मीद है। मिली जानकारी के अनुसार भाजपा नेता सह टुंडी विस के पूर्व भाजपा प्रत्याशी विक्रम पांडेय ने इस बावत पूर्व मध्य रेल, धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को पत्र सौंप कर फ्लाईओवर अथवा अंडरपास निर्माण की मांग थी।
कोयला परिवहन से रेलवे की आय
जानकारी के अनुसार सीसीएल बेरमो कोयला क्षेत्र से रेलवे वैगन के किराये से प्रतिमाह 172 करोड़ रुपया रेलवे को प्राप्त होता है। अगर यहां से हरियाणा के लिए कोयला जा रहा है तो 2360 रुपये प्रति टन के दर से रेलवे द्वारा किराया वसूला जाता है। एक बॉक्स में न्यूनतम 65 टन कोयला लोड होता है। एक रेल वैगन में 65 बॉक्स होते हैं। इसी तरह कोडरमा जाने वाले रेलवे रैक से 489 व चंद्रपुरा के लिए 216 रुपये प्रति टन किराया वसूला जाता है। इस तरह औसत 1000 रुपये प्रति टन किराया मान लिया जाये तो एक रैक के लिए 38 लाख 35 हजार किराया होता है। प्रतिदिन 15 रैक निकलता है तो रेलवे को 5 करोड़ 75 लाख रुपया से ज्यादा किराया मिलता है। इस तरह एक माह में 172 करोड़ रुपये से ज्यादा किराया रेलवे को मिलता है।
फाटक बंद होने की समस्या
बेरमो कोयलांचल कई रेलवे फाटक अक्सर लंबे समय तक बंद रहते हैं। इससे आमजन परेशान हैं। पुराना बीडीओ ऑफिस-ढोरी स्टाफ क्वार्टर, भंडारीदह, बेरमो, जरीडीह, जारंगडीह व गोमिया रेलवे फाटक प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक बंद रहते हैं। इस दौरान फाटकों के दोनों ओर पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसके कारण आमजनों के अलावा स्कूली बच्चों को परेशानी होती है। कई बार तो मरीज को लेकर जा रही एंबुलेस भी फंस जाती है।
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