Bokaro News: चंदनकियारी की तीन हत्याएं बनी पुलिस के लिए चुनौती
Bokaro News: बोकारो के चंदनकियारी क्षेत्र में जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच हुई तीन हत्याओं की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने पुलिस अधीक्षक से ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है।

Bokaro News: बोकारो, विजय कुमार। चंदनकियारी क्षेत्र में जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच हुई तीन रहस्यमयी हत्याओं की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी है। इन मामलों के उद्भेदन के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लंबे समय बीत जाने के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाया है। नतीजतन हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इन मामलों में कार्रवाई की मांग को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता अर्जुन रजवार ने 9 जुलाई को पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
जांच की गति
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसआईटी को जांच में तेजी लाने तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। दो फरवरी 2026 को चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप झाड़ियों से एक अधजला और अर्धनग्न महिला का शव बरामद हुआ था। जांच में शव की पहचान बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-दो निवासी 55 वर्षीय नमिता देवी के रूप में हुई, जो 20 जनवरी से लापता थीं। परिजनों ने उनके गायब होने की सूचना सिटी थाना को दी थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में महिला को चास-चंदनकियारी क्षेत्र में देखा भी गया था, लेकिन समय रहते उनकी तलाश में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई। करीब 13 दिनों बाद शव मिलने से हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाने की आशंका जताई गई। तत्कालीन एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर चंदनकियारी थाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, लेकिन पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है।
पुलिस की स्थिति
24 सितंबर 2025 को चंदनकियारी के लुटूटांड़ के पास सड़क किनारे झाड़ियों से झरिया निवासी 53 वर्षीय ऑटो चालक अख्तर हुसैन का लहूलुहान शव बरामद किया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आज तक न हत्या का कारण स्पष्ट हो सका और न ही आरोपी पुलिस की पकड़ में आए। मामले पर पुलिस की ओर से छानबीन करने के बाद भी खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसे में परिजनों का कहना है कि मामले पर पुलिस ने अबतक गंभीरता नहीं दिखाई है। जिस कारण आरोपी पुलिस के पड़क से बाहर है। 22 जून 2024 को बरमसिया ओपी क्षेत्र के पारबहाल स्कूल के पीछे 30 वर्षीय विधवा सरस्वती रजवार का शव मिला था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन दो वर्ष बाद भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इससे पहले उनके पति की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी थी। माता-पिता दोनों के निधन के बाद उनके दो मासूम बच्चे आज बुजुर्ग दिव्यांग दादा के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। तीनों मामलों में जांच की धीमी रफ्तार और लगातार बढ़ती अनिश्चितता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ित परिवारों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की नजरें एसआईटी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


