काम का अधिकार बचाने का संकल्प है 12 फरवरी का हड़ताल: मोर्चा
चित्र परिचय:14: मजदूर जागरण अभियान में शमिल मोर्चा के अधिकारी।काम का अधिकार बचाने का संकल्प है 12 फरवरी का हड़ताल: मोर्चाकाम का अधिकार बचाने का संकल्प

ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की ओर से हॉट स्ट्रीप मिल विभाग के कैंटीन रेस्ट रूम में चार लेबर कोड रद्द करो नारे के साथ मजदूर जागरण अभियान तेज किया गया। एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा केन्द्र की मोदी सरकार 21 नवंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर श्रम संहिताओं को मजदूर समर्थक और आधुनिकीकरण के रूप में चित्रित करने का प्रयास करता है। जबकि वास्तव में वे आजादी के पहले से मजदूरों के कड़े संघर्षों से हासिल अधिकारों और हकों का सबसे व्यापक और आक्रामक हनन हैं। जिसका मकसद कारपोरेट के शोषण, ठेकेदारी और अनियंत्रित नियुक्ति और बर्खास्तगी को सुविधाजनक बनाना है।
भारतीय श्रम सम्मेलन ट्रेड यूनियनों के लगातार आग्रह के बावजूद, पिछले दस वर्षों से नहीं बुलाया गया है। सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा चारों श्रम संहिताऐं, कारपोरेट द्वारा संचालित श्रम बाजार विनियमन का एक साधन हैं। जिनका मकसद नौकरी की सुरक्षा को नष्ट करना, हड़ताल के अधिकार का दमन व श्रम निरीक्षण को खत्म करना है। ठेकेदारी और निश्चित अवधि के रोजगार का विस्तार करना, यूनियनों और सामूहिक सौदेबाजी को कमजोर करना है। मोर्चा सभी चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग के साथ ही देश के मजदूर वर्ग से आह्वान करता है कि वे केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान में आगामी 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाएं। सभा की अध्यक्षता सत्येन्द्र कुमार ने की। सभा को ब्रजेश कुमार, इश्तियाक अंसारी, संजीव पोद्दार ने भी संबोधित किया। वहीं दूसरी सभा उपरोक्त सवालों को लेकर मनसा सिंह गेट के समक्ष किया गया, जिसे एटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयुसी, ऐक्टू के क्रमशः आर आर दास,देव कुमार,आर के वर्मा, सुभाष प्रमाणिक,जे एन सिंह ने संबोधित किया।
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