किशोर किशोरी के साथ बाल विवाह पर इंटरफेस मीटिंग का आयोजन
किशोर किशोरी के साथ बाल विवाह पर इंटरफेस मीटिंग का आयोजनकिशोर किशोरी के साथ बाल विवाह पर इंटरफेस मीटिंग का आयोजनकिशोर किशोरी के साथ बाल विवाह पर इंटरफ

कसमार, प्रतिनिधि । बहादुरपुर स्थित सहयोगिनी संस्था के सभागार में किशोर किशोरियों के साथ बाल विवाह की रोक थाम पर इंटरफेस बैठक की गयी। बैठक में कसमार प्रखंड के गर्री, तेलमुंगा, धधकिया, पोंडा, मोचरो, सोनपुरा, सोनहर, खूंटा, पिपराडीह, कमलापुर, सिलीसाड़म से 40 किशोर किशोरियों ने भाग लिया। बैठक के बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह कानून एवं बाल विवाह निषेध पदाधिकारी की ज़िम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा किया गया। संस्था के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति के साथ कानूनन अपराध है। जो भी व्यक्ति बाल विवाह करवाता है या बाल विवाह में शामिल होता है वे सजा के हकदार हैं।
पंडित, मौलवी, टेंट वाला, बाजा वाला, बाराती, परिवार वाले पर बाल विवाह अधिनियम के तहत आर्थिक जुर्माना एवं दो साल की सजा या फिर दोनों हो सकता है। बाल विवाह होने से बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते है। खेलने कूदने की उम्र मे घर की जिम्मेदारी आ जाती है। शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रभावित हो जाते हैं। बाल विवाह पीड़ित घरेलू हिंसा के भी शिकार हो जाते है। लड़कियां एनीमिया की शिकार हो जाती है । कभी कभी जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा होता है। अगर बाल विवाह की जानकारी किसी को मिलती है तो सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1098 या 112 में फोन कर जानकारी दें। कार्यक्रम समन्वयक कुमारी किरण, लाबणी घोष व अन्य कई लोगों ने किशोर किशोरियों के बीच समूह चर्चा कर तथा ऑडियो वीडियो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
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