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बोकारो में भीषण बिजली संकट

जिले में बीते एक सप्ताह से अनियमित बिजली आपूर्ति से जनजीवन प्रभावित है। बीते तीन दिन से चास, चंदनकियारी, जरीडीह, कसमार और पेटरवार सहित अन्य इलाकों में 24 घंटे में आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। चास विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रतोष कुमार की मानें, तो डीवीसी से लाइन ब्रेकडाउन होने के कारण चास और चंदनकियारी में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उसे दुरुस्त करने काम जारी है। चास और चंदनकियारी में रविवार को दिनभर बिजली नहीं रही, जिससे करीब एक लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शहर में लगातार बिजली को लेकर हुए आंदोलनों के बाद पहले से स्थिति बेहतर है, लेकिन अब भी कई इलाकों में बिजली की कटौती जारी है। चास नगर निगम और शहर से सटे इलाकों में डीवीसी से खपत के अनुरूप बिजली नहीं मिलने से सुबह से शाम तक लगातार बिजली की कटौती जारी है। चास सहित आसपास के इलाकों में 70 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन मात्र 20 मेगावाट बिजली की सप्लाई होने से वितरण पर असर पड़ने लगा है। चास और शहर से सटे कई इलाकों में शाम के बाद अंधेरा छा जा रहा है। तीन दिन से बिजली की लचर स्थिति को लेकर घरों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। चास सहित आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सुबह से शाम तक लोग पानी की जुगाड़ में शहर व सरकारी चापकालों से पानी लाने को विवश हैं। यही नहीं उक्त स्थिति में लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। बगैर बिजली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। शहर और आसपास में बिजली कटौती की समस्या नई नहीं है। यह सिलसिला बीते तीन माह से चल रहा है। बीते तीन दिन से बोकारो का चास और ग्रामीण इलाका अंधेरे में डूबा है। अबतक किसी जनप्रतिनिधि ने गंभीरता नहीं दिखाई है, जिससे लोगों की परेशानी कम होने की बजाए बढ़ती जा रही है। अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण व्यवसायियों का बुरा हाल है। चास सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल रहने से बारिश में व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है। सबसे अधिक खराब स्थिति चास क्षेत्र की है, जहां बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के साथ होटल और अस्पताल हैं, जहां बिजली के अभाव में जेनरेटर मद में अतिरिक्त राशि खर्च हो रही है।

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  • Web Title:Gurkha power crisis in Bokaro