झारखंड के लोग असम जाकर किसी राजनीतिक दल को विशेष लाभ नहीं पहुंचा सकते : पूर्व सांसद
झारखंड के लोग असम जाकर किसी राजनीतिक दल को विशेष लाभ नहीं पहुंचा सकते : पूर्व सांसद झारखंड के लोग असम जाकर किसी राजनीतिक दल को विशेष लाभ नहीं पहुंचा स

बोकारो, प्रतिनिधि। झारखंड राज्य के गठन के मूल उद्देश्यों से भटकने का आरोप लगाते हुए पूर्व सांसद सूरज मंडल ने राज्य की वर्तमान व्यवस्था और सरकार पर तीखा हमला बोला है। वे मंगलवार को बोकारो निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिया गया था, आज तक कोई भी सरकार उसे पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि झारखंड में चाहे किसी भी दल की सरकार रही हो, सभी अपने मूल लक्ष्य से भटकते हुए दिखाई दिए हैं। राज्य निर्माण के लिए आंदोलन कारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन आज उनके सपनों और अपेक्षाओं की अनदेखी की जा रही है।
पूर्व सांसद ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कभी झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने का विरोध किया था, वही आज राज्य की सत्ता में भागीदार है। ऐसे में वह पार्टी झारखंड का कितना भला कर पाएगी। उन्होंने राज्य में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि झारखंड बनने से पहले बिहार में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था, लेकिन राज्य गठन के बाद इसे घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया। असम चुनाव पर उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग असम जाकर किसी राजनीतिक दल को विशेष लाभ नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को मात्र 3500 रुपये प्रतिमाह देकर उनका मुंह बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मिशन बोकारो विकास के संयोजक कुशवाहा राकेश महतो ने भाषाई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मगही और भोजपुरी भाषाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। इन भाषाओं को न तो उचित मान्यता मिल रही है और न ही सम्मानजनक स्थान।
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