वर्तमान समय में संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना बहुत ही जरूरी
कंडेर पंचायत के होन्हे गांव में कृषि विभाग आत्मा द्वारा किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। तकनीकी प्रबंधन बबलू सिंह ने संतुलित उर्वरकों के प्रयोग और मिट्टी की जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। हरी खाद के फायदों और किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

प्रखंड के कंडेर पंचायत के होन्हे गांव में किसानों के बीच किसान गोष्ठी का आयोजन कृषि विभाग आत्मा के सौजन्य से किया गया। प्रखंड तकनीकी प्रबंधन बबलू सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना बहुत ही जरूरी है। सबसे पहले किसान मिट्टी की जांच कराए और सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार मिट्टी में उर्वरकों का प्रयोग करें।
हरी खाद के फायदे
साथ ही उन्होंने हरी खाद तैयार करने के लिए किसानों को बताया कि किसान खाद मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और जैविक कार्बन को बढ़ाने का एक प्राकृतिक तरीका है, जिसमें ढैंचा, सनई या लोबिया जैसी फसलें उगाकर 45-55 दिनों में फूल आने से पहले रोटावेटर से मिट्टी में पलट दी जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में नाइट्रोजन (20-40 फीसद तक वृद्धि) व अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति कर फसल उत्पादन बढ़ाती है। हरी खाद के प्रमुख प्रकार व फसलें ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग/उड़द, पोषक तत्व, मिट्टी की संरचना, कम लागत, खरपतवार नियंत्रण, उपयोग की विधि बुआई व पलटना के बारे बताया।
किसान क्रेडिट कार्ड और सिंचाई योजनाएं
साथ ही अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड का आवेदन करें। सिंचाई के लिए विभाग की तरफ से कुसुम योजना के तहत सोलर पंप सेट एवं झारखंड सरकार की तरफ से किसान समृद्धि योजना के तहत चलंत सोलर पंप सेट का लाभ दिया जा रहा है। कृषक मित्र काशीनाथ महतो ने किसानों को श्री विधि से धान की खेती कर करने की सलाह दी। आकांक्षी ब्लॉक के कोऑर्डिनेटर शशि कुमार ने बताया कि नीति आयोग की तरफ से आकांक्षी ब्लॉक का एक इंडिकेटर किसान क्रेडिट कार्ड है।
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