Bokaro News: बारिश की राह ताक रहे खेत, तैयार बिचड़े भी किसानों की बढ़ा रहे बेचैनी

हिन्दुस्तान, बोकारो
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Bokaro News: बारिश की राह ताक रहे खेत, तैयार बिचड़े भी किसानों की बढ़ा रहे बेचैनी

Bokaro News: कसमार, शेखर शरदेंदु। कसमार प्रखंड के खेत इन दिनों आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। खेतों में धान के बिचड़े तैयार हैं, किसान भी धनरोपनी के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं, लेकिन बारिश की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर विराम लगा दिया है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण प्रखंड के अधिकांश इलाकों में अब तक धनरोपनी का कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों की चिंता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कसमार के दक्षिणी क्षेत्र के कुछ गांवों में जहां सीमित स्तर पर धनरोपनी शुरू हुई है, वहीं उत्तरी क्षेत्र के अधिकांश खेत अब भी पानी के इंतजार में सूने पड़े हैं। खेतों में तैयार बिचड़े धीरे-धीरे बड़े होते जा रहे हैं और किसानों को डर सता रहा है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। दांतू गांव के किसान एवं कृषि जानकार विवेकानंद बताते हैं कि सामान्य वर्षों में रथयात्रा के बाद पूरे क्षेत्र में धनरोपनी अपने चरम पर पहुंच जाती थी।

खेती का पूरा चक्र एक महीने पीछे खिसक गया

खेतों में किसानों की चहल-पहल और हरियाली देखने को मिलती थी, लेकिन इस वर्ष बारिश की कमी के कारण खेती का पूरा चक्र लगभग एक महीने पीछे खिसक गया है। किसानों ने भी मजबूरी में देर से बिचड़े तैयार किए, क्योंकि शुरुआती बारिश पर अब भरोसा नहीं रहा। वे कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन का असर अब गांवों के खेतों तक साफ दिखाई देने लगा है। पहले रोहिणी नक्षत्र के समय किसान धान की नर्सरी तैयार कर देते थे, लेकिन अब उस समय बारिश की कोई गारंटी नहीं रहती। बीज डालने के बाद यदि पानी नहीं मिला तो पूरी मेहनत बेकार हो जाती है। यही कारण है कि किसान अब देर से बीज डालने को मजबूर हैं। लगातार बदलते मौसम और बारिश की अनिश्चितता ने किसानों के मन में निराशा भी बढ़ाई है। कई किसान खेती से दूरी बनाने लगे हैं। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के सामने आजीविका का संकट गहराने लगा है। फिलहाल कसमार के हजारों किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। खेत तैयार हैं, बिचड़े तैयार हैं, किसान तैयार हैं। बस इंतजार है तो जीवनदायिनी बारिश का, जो खेतों में हरियाली और किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा सके।

सामान्य प्रश्न

किसान किस फसल की रोपाई के लिए तैयार हैं?
किसान धान की रोपाई के लिए तैयार हैं।
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