हैवी ब्लास्टिंग से घरों में पड़ी दरार, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
पेटरवार के आरारी गांव में पत्थर उत्खनन के लिए की जा रही ब्लास्ट से कई मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। ग्रामीणों ने बताया कि 7 जनवरी को हुए विस्फोट से घरों में दरारें आ गईं और वे दहशत में हैं। स्थानीय संथाल परिवार इस मुद्दे के विरोध में एकजुट हो रहे हैं।

पेटरवार। पत्थर उत्खनन के लिए की जा रही ब्लास्ट से चरगी पंचायत का आरारी गांव दहल उठा और कई मकानों में आंशिक क्षति पहुंची है। बता दें कि भारत माला परियोजना फेज टू के तहत कोलकाता से वाराणसी तक बनने वाली सिक्सलेन एक्सप्रेसवे सड़क निर्माण में आरारी के निकट स्थित माइंस से धरती का सीना चीर कर पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। पत्थर उत्खनन करने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते आरारी गांव दहल रहा है। ग्रामीण बताते है कि पत्थर उत्खनन के लिए दो बार बिस्फोट किया गया है। पहली बार में तो पता नही चला, लेकिन जब 7 जनवरी को ब्लास्ट किया गया तो घर में भूकंप जैसा प्रतीत हुआ।
भूकंप जैसा प्रतीत होने पर परिवार के सभी लोग घर से बाहर निकल आये। हेवी ब्लास्ट के कारण आरारी ऊपर टोला स्थित 8 कच्चे और पक्के मकानों में आंशिक रूप से दरार भी हो गई है। पत्थर उत्खनन के लिए की जा रही हेवी ब्लास्ट से आरारी के संथाल परिवार काफी दहशत में है और इसके विरोध में गोलबंद हो रहे है। इनके घरों में पड़ी दरार: पत्थर उत्खनन के लिए की जा रही हेवी ब्लास्ट के कारण चरगी पंचायत के संथाल बाहुल्य इलाका आरारी ऊपर टोला में कुल 8 घरों की दीवारों में आंशिक रूप से दरार पड़ गई है। जिनके घरों में दरार पड़ी है, उनमें योगेश हेम्ब्रम, अनिल हेम्ब्रम, करमचंद हेम्ब्रम, मोती लाल मांझी, परना मांझी, गणेश मांझी और मनोज हेम्ब्रम के मकान शामिल हैं।
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