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संस्कारवान बनने की शिक्षा बचपन से दी जानी चाहिए : आचार्य

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संस्कारवान बनने की शिक्षा बचपन से दी जानी चाहिए : आचार्य
हिन्दुस्तान टीम,बोकारोMon, 27 May 2024 06:00 PM
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बोकारो प्रतिनिधि। आनंद मार्ग के शिक्षा त्राण व कल्याण विभाग की ओर से पांच दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत सोमवार को आनंद मार्ग के मुख्यालय आनंद नगर में हो गयी। प्रशिक्षण में भारत, नेपाल, बंगलादेश से लगभग 200 शिक्षक इसमें हिस्सा लेंगे।
गुरुकुल विश्वविद्यालय के सचिव आचार्य शंभूशिवानंद अवधूत व आचार्य पुष्पेंद्रानंद अवधूत ने नव्य मानवता वादी शिक्षा पद्धति के जन्मदाता श्रीप्रभात रंजन सरकारजी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। आचार्य ने कहा कि बच्चों को सही परिवेश मिलने से संस्कारवान और नैतिकवान बनते है। नव्य मानवतावादी शिक्षा पद्धति में इस विषय पर ज्यादा जोर दिया गया है। संस्कारवान व नैतिक वान बनने की शिक्षा बचपन से ही दी जानी चाहिए। यही कारण है कि पूरे विश्व में संस्था की ओर से प्राथमिक विद्यालय ज्यादा से ज्यादा खोले जा रहे हैं, ताकि बच्चों में सही संस्कार दी जा सके। रोजाना नव्य मानवतावादी शिक्षा पर सैद्धांतिक व व्यवहारिक कक्षाएं होगी। इस मौके पर चार्य शंभूशिवानंद अवधूत ,आचार्य पुष्पेंद्रानंद अवधूत, आचार्य मेघदीपानंद अवधूत, आचार्य नावारूनानंद अवधूत, आचार्य रविप्रकाशनंद अवधूत, अवधूतिका आनंद मधुरिमा आचार्या, अवधूतिका आनंद आराधना आचार्या, अवधूतिका आनंद सुनीति आचार्या सहित अन्य उपस्थित थे।

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