ग्राहकों का विश्वास ही बैंकिंग व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी : उपायुक्त

ग्राहकों का विश्वास ही बैंकिंग व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी : उपायुक्त

संक्षेप:

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Oct 25, 2025 06:48 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बोकारो
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बोकारो, प्रतिनिधि। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), भारत सरकार के निर्देश पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट (भूली-बिसरी जमा राशि) से संबंधित ‘आपकी पूंजी आपका अधिकार का जिला स्तरीय विशेष शिविर आयोजन कैंप टू स्थित जायका हैपनिंग्स सभागार में किया गया। इस शिविर का शुभारंभ उपायुक्त अजय नाथ झा, एसएलबीसी के डीजीएम संतोष कुमार, पीएनबी के सर्किल हेड राजेश श्रीवास्तव, बैंक आफ इंडिया के डीजेडएम निकुन जैन, एसबीआइ के क्षेत्रीय प्रबंधक भिषेक सिन्हा, बैंक ऑफ बड़ौदा मकेश कुमार, चेंबर आफ कार्मस बोकारो के मनोज चौधरी, एलआइसी के क्लेम हेड सुजीत कुमार राय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि ग्राहकों का विश्वास ही बैंकिंग व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी है।

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किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान की सफलता का आधार ग्राहकों का विश्वास होता है। उन्होंने कहा, हम आपका पैसा नहीं, आपका विश्वास रखते हैं। बैंकिंग सेवाओं की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है, जब ग्राहक का भरोसा कायम रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्राहकों से जुड़ाव और पारदर्शिता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। डीसी ने कहा कि बड़े व छोटे सभी ग्राहकों का सम्मान समान रूप से किया जाना चाहिए। छोटे ग्राहकों द्वारा जमा की गई राशि उसकी कुल आमदनी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा होती है, इसलिए ये ग्राहक बैंकिंग तंत्र की नींव हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों का पैसा मिट्टी समान है। आम आदमी के हर रुपये की कीमत है और वह उसके हकदार को वापस मिलनी चाहिए। खाता खोलने के समय नामिनी घोषित करना अनिवार्य करें बैंक अनक्लेम्ड राशि की समस्या से बचाव के लिए डीसी ने कहा कि हर नए बैंक खाते में नामिनी का उल्लेख अनिवार्य किया जाए। बैंक खाता खोलने के समय ही नामिनी की जानकारी दर्ज की जानी चाहिए ताकि भविष्य में खाता धारक की अनुपस्थिति में राशि तक पहुंच आसान हो। उन्होंने कहा कि बैंक व प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है कि जनता का पैसा सुरक्षित और सुलभ रहे। बैंक के अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग संस्थाओं का सशक्तिकरण तभी संभव है, जब वे विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य करें। शिविर में एलडीएम आबिद हुसैन, डीडीएम नाबार्ड फिलोमन बिलुंग, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित जिले के बैंकों के अधिकारी, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मौके पर सांकेतिक रूप से अनक्लेम्ड डिपॉजिट के सेटलमेंट मामलों के खाता धारकों के बीच प्रमाण पत्र भी उपायुक्त व अन्य अतिथियों के द्वारा दिया गया।