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अक्षय नवमी पर श्रद्धालुओं ने आंवला पेड़ की पूजा अर्चना की

अक्षय नवमी पर श्रद्धालुओं ने आंवला पेड़ की पूजा अर्चना की

संक्षेप: बोकारो में अक्षय नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने आंवला पेड़ की पूजा की। महिलाएं आंवला पेड़ पर रक्षा सूत्र बांधकर पूजा करती हैं। इस दौरान प्रसाद के रूप में खिचड़ी तैयार की गई और दान भी किया गया। पूजा में तिरुपति संस्था ने भंडारे का आयोजन किया। आंवला पेड़ को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है।

Fri, 31 Oct 2025 01:36 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बोकारो
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बोकारो ,प्रतिनिधि l अक्षय नवमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने चास बोकारो के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार को आंवला पेड़ का विधिपूर्वक पूजा अर्चना किया l इस अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने आंवला पेड़ पर रक्षा सूत्र बांधकर विधिवत्त पूजा अर्चना किया l साथ ही इस अवसर पर आंवला पेड़ पर फूल व प्रसाद का चढ़ावा भी भी कियाl वाला पेड़ पर फूल व प्रसाद के चढ़ने के बाद इस पेड़ के नीचे प्रसाद के रूप में खिचड़ी भी बनाया l फिर उस प्रसाद को स्वयं ग्रहण किया l इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर के पुजारी को स्वेच्छा के अनुसार भतुआ समेत अन्य चीज भी दान किया lइस अवसर पर नगर के सेक्टर 4 सूर्य मंदिर स्थित आंवला वृक्ष के पास श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना किया।

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इस अवसर पर भास्कर सेवक समिति की ओर से उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच मंदिर प्रांगण में भंडारा का आयोजन किया गया। तिरुपति संस्था की ओर से सेक्टर 2 ए में भी आंवला वृक्ष के पास पूजा किया गया। संस्था की संरक्षक सावित्री देवी ने कहा आंवला वृक्ष जो स्वयं भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। महिलाओं की ओर से भगवान विष्णु का स्मरण कर आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करना और भगवान विष्णु का स्मरण करना अत्यंत शुभ फलदाई होता है। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है और घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है। अक्षय नवमी केवल एक व्रत या पर्व नहीं है बल्कि यह धर्म -दान और ईश्वर भक्ति का उत्सव है जो जीवन में अस्थाई सुख और आध्यात्मिक संतुलन को प्रदान करता है। यहां 25 वर्षों से अक्षय नवमी पर पूजा होता आ रहा है। महिलाएं इस अवल के पेड़ को मनोकामना वृक्ष मानकर पूजा करती आ रही है। पड़ोस की महिलाएं कार्तिक मास प्रारंभ होते ही पूरे महीना श्रद्धा के साथ सुबह 4 बजे स्नान ध्यान कर यहां पूजा पाठ करती हैं। अक्षय नवमी पर तिरूपति संस्था की तरफ से भंडारा आयोजित किया गया। पूजा करने वाली महिलाओं में मंजू देवी,रीना देवी, इंदू देवी, श्याम सिंह, रेनू मिश्रा, गीता तिवारी, सावित्री देवी, सुशीला देवी, चंद्रावती देवी, प्रमिला देवी, गायत्री देवी, बबिता देवी सहित संस्था के अध्यक्ष शैला मनोरमा खलको,सुनिता देवी,सुधा देवी सहित सभी पदाधिकारी शामिल रही।