Bokaro News: चहारदीवारी व शिक्षकों की कमी से जूझ रहा उत्क्रमित मध्य विद्यालय नारायणपुर
Bokaro News: चाहरदिवारी व शिक्षकों की कमी से जूझ रहा उत्क्रमित मध्य विद्यालय नारायणपुर, एमडीएम पर भी संकटचाहरदिवारी व शिक्षकों की कमी से जूझ रहा उत्क्रमित मध्य विद

Bokaro News: उत्क्रमित मध्य विद्यालय नारायणपुर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण बच्चों की पढ़ाई और पोषण व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं। विद्यालय में चाहरदिवारी नहीं होने, शिक्षकों की कमी तथा मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में संसाधनों की कमी से छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मेन रोड से सटे इस विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक कुल 405 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय परिसर खुला होने के कारण बकरी समेत अन्य मवेशी अक्सर अंदर घुस आते हैं। इससे विशेष रूप से मध्याह्न भोजन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। विद्यालय के प्रभारी हरिकांत ने बताया कि चाहरदिवारी नहीं होने से बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं और खुले परिसर में भोजन कराना शिक्षकों के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
शिक्षकों की कमी
विद्यालय में कुल 13 कमरे हैं, लेकिन 405 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र सात शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों की कमी के कारण एक-एक शिक्षक को कई कक्षाओं का संचालन एक साथ करना पड़ रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा विद्यालय में चावल की कमी हो गई है तथा पिछले तीन माह से विभाग की ओर से कुकिंग कॉस्ट की राशि भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे मध्याह्न भोजन योजना पर सीधा असर पड़ रहा है और बच्चों को नियमित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। विद्यालय प्रबंधन ने विभाग से जल्द चाहरदिवारी निर्माण, आवश्यक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति तथा एमडीएम की बकाया राशि और चावल उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी जिला शिक्षा विभाग से विद्यालय की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और पोषण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।


