Hindi NewsJharkhand NewsBokaro NewsConflict Between Administration and Representatives in Kasmar Over Development Schemes
कसमार में बीडीओ और प्रमुख के बीच बढ़ी तकरार

कसमार में बीडीओ और प्रमुख के बीच बढ़ी तकरार

संक्षेप:

कसमार प्रखंड में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान चल रही है। बीडीओ नम्रता जोशी पर प्रमुख नियोती कुमारी ने फर्जी योजनाओं के जरिए 35 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप लगाया है। जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन बीडीओ की अनुपस्थिति ने बैठक का माहौल बिगाड़ दिया। क्या विकास योजनाएं प्रभावित होंगी?

Dec 13, 2025 05:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बोकारो
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कसमार, प्रतिनिधि । कसमार प्रखंड में इन दिनों प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही खींचतान चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। विकास योजनाओं में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद कसमार बीडीओ नम्रता जोशी और प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी आमने-सामने आ गई हैं। विवाद इतना गहराता जा रहा है कि अब इसका असर सीधे प्रशासनिक कामकाज पर दिखने लगा है। कहानी की शुरुआत तब हुई, जब प्रमुख नियोती कुमारी ने पंचायत समिति की योजनाओं में सोलह फर्जी योजनाएं बनाकर करीब 35 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप बीडीओ पर लगाया। आरोप गंभीर थे, मामला सार्वजनिक हुआ और अंततः जिला उपायुक्त ने जांच के आदेश दे दिए।

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इसके बाद से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय के सभागार में पंचायत समिति की बैठक बुलाई गई। एजेंडा तैयार था, सदस्य समय पर पहुंच चुके थे, लेकिन बीडीओ अनुपस्थित थी। प्रमुख नियोती कुमारी सहित सभी सदस्य काफी देर तक प्रतीक्षा करते रहे। अंततः अंचल अधिकारी नरेंद्र सिंह ने सभी को बताया कि बीडीओ अवकाश पर हैं और बैठक में शामिल नहीं होंगी। यह सूचना मिलते ही सभागार का माहौल बदल गया। असंतोष, फुसफुसाहट और फिर खुला आक्रोश। सदस्यों ने आपसी विमर्श के बाद बैठक को बिना किसी कार्यवाही के स्थगित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। बैठक के बाद प्रमुख नियोती कुमारी ने सीधे-सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में गड़बड़ी उजागर होने के बाद बीडीओ बैठक का सामना करने से बच रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पंसस ज्योत्सना झा, प्रिया देवी, इंद्रजीत पांडेय, विनोद कुमार महतो, दिलीप कुमार महतो, मंजू देवी, नीरज भट्टाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय कर्मी मौजूद थे। कुल मिलाकर, कसमार में यह विवाद अब केवल बैठक तक सीमित नहीं रह गया है। जांच, आरोप और प्रशासनिक टकराव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस रस्साकशी में विकास योजनाएं ही सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी।