बोकारो जिले के करीब 1000 मेडिकल स्टोर्स व थोक दवा दुकानें रही बंद
बोकारो जिले के करीब 1000 मेडिकल स्टोर्स व थोक दवा दुकानें रही बंदबोकारो जिले के करीब 1000 मेडिकल स्टोर्स व थोक दवा दुकानें रही बंदबोकारो जिले के करीब

बोकारो, प्रतिनिधि। ऑनलाईन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने, अवैध ई-फार्मेसी संचालन करने व अधिसूचना जीएसआर 817(ई) को वापस लेने सहित अन्य मांगों के विरोध में बुधवार को बोकारो जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स व थोक दवा वितरकों की करीब 1000 दुकानें बंद रही। बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने एकजुट होकर हडताल का समर्थन किया। बंद का आहवान ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा किया गया था। बुधवार सुबह 9 बजे से रात तक सभी मेडिकल स्टोर्स बंद रहें। हड़ताल का समर्थन चिकित्सकों ने भी किया। अपनी-अपनी ओपीडी बंद रखा। हालांकि इलाज करने के लिए कई लोग निजी क्लीनिक में पहुंचे, चिकित्सक के नहीं बैठने के कारण घर वापस लौटना पड़ा। दवा दुकाने बंद रहने से कई लोग इधर-उधर दवा के लिए भटकते नजर आएं। बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्षत सुभाष चंद्र मंडल ने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर्स और थोक दवा विक्रेताओं ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखी। बंद शांतिपूर्ण रहा। पूरे जिले की करीब 1000 दवा दुकानें बंद रही। 24 घंटे की बंदी है। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए सरकार को जनहित में इस पर यथाशीघ्र रोक लगानी चाहिए। कुछ थोक दवा विक्रेताओं ने कहा कि ऑनलाईन में भारी छूट के चलते बिक्री पर असर पड़ रहा है। छोटे-छोटे कमेस्टि को नुकसान हो रहा है। ऑनलाईन में नकली दवाएं भी आपूर्ति की जा रही है, इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए। कोरोना काल में इस व्यवस्था को शुरू की गयी थी, जो आज भी जारी है.
आमजनों को उठानी पड़ी परेशानी
बंद दवा दुकानों से आमजनों को चिकित्सक से इलाज कराने और दवा खरीदारी में परेशानी का सामना करना। धनबाद के दौलत राम ने बताया कि मेरी मां बोकारो जेनरल अस्पताल में भर्ती है। पेट की बीमारी है। डॉक्टर बाहर से एक दवा ख्ररीद कर लाने को कहा था, लक्ष्मी मार्केट आने पर पता चला कि आज दवा दुकानें बंद है। वहीं सेक्टर 4 निवासी नरेश कुमार ने बताया कि बताया कि बेटी का इलाज कराने के लिए नंबर लगाने आए थे, मालूम हुआ कि आज हड़ताल है कोई चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठेंगे। वहीं एक व्यक्ति ने कहा कि ऑनलाईन दवा मंगवाने से छूट मिलती है। चिकित्सक के प्रिस्क्रिशन से ही दवा मंगवाई जाती है। दवा के अलावा आज अन्य कई चीजे ऑनलाईन मंगवाई जा रही है。
ये है मुख्य मांगें
एसोसिएशन की मांगों में मूल्य रूप से अवैध ई-फार्मेसी संचालन बंद करने, अधिसूचना जाीएसआर 817(ई) को वापस लेने, बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा किए जा रहे प्रिडेटरी प्राइसिंग पर रोक लगाने व अधिसूचना जीएसआर 220(ई) को वापस लेने की मांगे शामिल है।
हॉस्पिटल परिसर की दवा दुकाने रही खुली
हड़ताल के दिन हॉस्पिटल परिसर में संचालि अधिकांश दवा दुकाने खुली रही। केएम मेमोरियलन, पांडा हॉस्पिटल परिसर में संचालित फार्मेसी की दुकानें खुली रही। मरीज दवा की खरीदारी करते नजर आएं। इस बावत बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि इमरजेंसी में आमजनों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में संचालित दवा दुकानों को हडताल से अलग रखा गया था, ताकि आमजनों को इमरजेसी में कोई दिक्कत नहीं हो।
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