
बोकारो में दो दिवसीय पुस्तक मेला शुरू, देशभर के प्रकाशकों की किताबें मौजूद
बोकारो में दो दिवसीय पुस्तक मेला शुरू,देशभर के प्रकाशकों की किताबें मौजूदबोकारो में दो दिवसीय पुस्तक मेला शुरू,देशभर के प्रकाशकों की किताबें मौजूद
बोकारो, प्रतिनिधि। कैंप टू स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) परिसर में आयोजित दो दिवसीय शब्द सरिता महोत्सव (पुस्तक मेला) का उद्घाटन बुधवार को किया गया। मौके पर बोकारो विधायक श्वेता सिंह, उपायुक्त अजय नाथ झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा, कला व संवाद का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने बोकारो को साहित्यिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत पहल है। देशभर से आए प्रतिष्ठित लेखक, कवि, शिक्षाविद, प्रकाशक व साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने महोत्सव की गरिमा को और भी बढ़ा दिया। विधायक ने कहा कि पुस्तक से अधिक सुंदर, सच्चा और स्थायी मार्गदर्शक कोई दोस्त नहीं हो सकता।
उन्होंने बच्चों और युवाओं से आह्वान किया कि वे ज्ञान के महासागर में डूबकी लगाएं, क्योंकि पुस्तकें न केवल जानकारी देती हैं, बल्कि जीवन की दिशा और दशा बदलने की क्षमता भी रखती हैं। पुस्तक पढ़ने की आदत व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और दूरदर्शी बनाती है। बोकारो की पहचान केवल स्टील सिटी तक सीमित न रहे उपायुक्त कहा कि बोकारो की पहचान केवल स्टील सिटी के रूप में नहीं, बल्कि एक वाइब्रेंट शहर के रूप में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां की कृषि परंपरा, समृद्ध आदिवासी संस्कृति, बच्चों की प्रतिभा और साहित्यिक चेतना बोकारो को विशिष्ट बनाती है। शब्द सरिता महोत्सव जैसे आयोजन बोकारो की बहुआयामी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होने कहा कि मानसिक विकास, रचनात्मक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए पुस्तक पढ़ना अत्यंत आवश्यक है। जो लोग नियमित रूप से पढ़ते हैं, उन्होंने पढ़ाई में ही मनोरंजन खोज लिया है। पुस्तकें न केवल तनाव कम करती हैं, बल्कि व्यक्तित्व को भी परिष्कृत करती हैं। उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से शब्द सरिता महोत्सव बोकारो में हिस्सा लेने और कम से कम एक पुस्तक अवश्य क्रय करने और पढ़ने की अपील की। साहित्य व संस्कृति का वाइब्रेंट मंच उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि शब्द सरिता महोत्सव केवल एक साहित्य उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, क्षेत्रीय नृत्य-संगीत, कला एवं संवाद का एक वाइब्रेंट प्लेटफॉर्म है। यह मंच स्थानीय कलाकारों, लेखकों और उभरती प्रतिभाओं को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने क्रमवार दो दिवसीय महोत्सव की रूप रेखा कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। प्रसिद्ध साहित्यकारों की है उपस्थिति इस महोत्सव में भारतीय साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार-2016 से सम्मानित लेखक निलोत्पल मृणाल, शिक्षाविद मोहम्मद यासिर, प्रसिद्ध कथा लेखक शिवनारायण गौर, संथाली लेखक प्रो धनेश्वर मांझी, शिक्षाविद डॉ. शकुंतला मिश्रा, लेखक डॉ. विनोद खोरठा, रांची विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. विनय भारत, लेखक डॉ. साजिद हुसैन, वॉकिंग बुक फेयर के संस्थापक अक्षय, डॉ. अभय मिंज, रूम टू रीड के राज्य प्रमुख सूरज कुमार,कवयित्री पद्मिनी शर्मा व कवि अमन अक्षर सहित अन्य शामिल हैं। ये थे मौजूद मौके पर डीपीएलआर मेनका, एसी मो. मुमताज अंसारी, चास एसडीओ प्रांजल ढ़ांडा, डीसीएलआर प्रभाष दत्ता, बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, सिटी डीएसपी आलोक रंजन, डीएसओ शालिनी खालखो, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, डीपीआरओ रवि कुमार, डीटीओ मारूति मिंज, डीईओ जगरनाथ लोहरा, डीएसई अतुल कुमार चौबे, डीपीओ राज शर्मा, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह, डीडीएमओ शक्ति कुमार, नोडल पदाधिकारी पंकज दूबे सहित बीडी, सीओ व विभिन्न विद्यालयों के बच्चें-शिक्षक उपस्थित थे।

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