
झारखण्ड सशस्त्र पुलिस 4 में मनाया गया वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ
चित्र परिचय:04: वंदे मातरम का गायन करते जैप 4 के जवान व छात्र।झारखण्ड सशस्त्र पुलिस 4 में मनाया गया वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठझारखण्ड सशस्त्र पुलिस
झारखण्ड सशस्त्र पुलिस 4 वाहिनी परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाया गया। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर मुख्य अधिति जैप 4 के समादेष्टा शम्भु कुमार सिंह ने बताया वंदे मातरम् एक संस्कृत में लिखा गया राष्ट्रीय गीत है। जिसे बंकिमचंद्र चटर्जी ने अपने उपन्यास आनंद मठ के लिए लिखा था। यह गीत 1882 में प्रकाशित हुआ था और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत था। यह गीत भारतीयों की कई पीढ़ियों को एकजुट होने, आगे बढ़ने और राष्ट्र की भावना का जश्न मनाने के लिए प्रेरित किया है।
ब्रिटिश शासन काल में इस गीत को दवाने का पुरजोर प्रयास किया गया। इसे 24 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया और यह राष्ट्रगान जन गण मन के बराबर सम्मान रखता है। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर इस गीत को विभिन्न जिलो में प्रतिनियुक्त सभी कम्पनी/युनिट,प्रतिष्ठानों में एक साथ एक ही समय सुबह10 बजे गाया गया। जो पुलिस विभाग के साथ भारत की एकता को प्रर्दशित करता है। उत्क्रमिक विद्यालय के शिक्षिक व बच्चों ने भी पुलिस के साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाया। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर झारखण्ड सशस्त्र पुलिस-4 बोकारो के सभी पुलिस पदाधिकारी व कर्मी, राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, बोकारो के सभी पुलिस पदाधिकारी पुलिस एसोसिएशन, पुलिस मेन्स एसोसिएशन, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के सदस्य व राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक व स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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