
जिस योजना पर हंगामा, वह गांधी के नाम पर थी ही नहीं.. कांग्रेस पर बरसे बाबूलाल मरांडी
भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने जी-राम-जी योजना के विरोध पर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राम के नाम और पारदर्शिता से नफरत है, जबकि नई योजना से एआई और रियल टाइम डेटा के जरिए भ्रष्टाचार रुकेगा।
कांग्रेस पार्टी द्वारा वीबी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के विरोध में प्रदर्शन किए जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जी-राम-जी योजना लाने का मकसद हर गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को गरिमा और सम्मान के साथ रोजगार देना है, लेकिन कांग्रेस पार्टी को यह सब पसंद नहीं है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस को विकसित भारत और भगवान श्री राम के नाम से नफरत है, इसलिए विरोध की साजिश रची जा रही है। भाजपा नेता ने सोमवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि कांग्रेस को लूट भ्रष्टाचार की आदत लगी हुई है, इसलिए वैसी योजनाएं जिसमें लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है, उसे पसंद है। बाबूलाल ने कहा कि जिस योजना का नाम बदलने का हंगामा कांग्रेस पार्टी कर रही है, उसका पहले नाम महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था। वर्ष 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया। राजीव गांधी ने उसका नाम जवाहर रोजगार योजना कर दिया। मनमोहन सिंह सरकार ने इसे वर्ष 2004 में नरेगा और वर्ष 2005 में मनरेगा किया।
600 संस्थाओं के नाम गांधी परिवार पर रखे गए
बाबूलाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश की लगभग 600 संस्थाओं, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार पर रखे। खेल से जिसका कोई नाता नहीं था, उसके नाम पर खेल रत्न पुरस्कार बना दिया। सरदार पटेल, नेताजी सुभाष, लाल बहादुर शास्त्री जैसे राष्ट्रभक्त नेताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया। इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को इंदिरा आवास योजना किया।
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना किया। झारखंड में तो कांग्रेस समर्थित सरकार ने झारखंड निर्माता अटल जी के नाम पर चल रही अटल क्लीनिक का नाम मदर टेरेसा के नाम पर कर दिया। दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने या परिवार के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया, बल्कि नाम को सेवा से जोड़ा। राजभवन लोक भवन बन गया। राजपथ कर्तव्य पथ, रेस कोर्स लोक कल्याण मार्ग, पीएमओ सेवा तीर्थ बन गया।
आज ग्रामीण भारत बदल गया है, इसलिए बदलाव जरूरी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2005 में मनरेगा शुरू हुई, लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है। कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन एंडेड मॉडल अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता। आज की जरूरतें बदली हैं, इसलिए नई योजना को ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थित किया गया है। कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं थी। अब जी-राम-जी योजना में रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। मोबाइल से मॉनिटरिंग होगी। एआई द्वारा फ्रॉड का डिटेक्शन होगा। इन सब के फलस्वरूप सही लाभार्थियों को काम मिलेगा और गरीबों, मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार होगा।





