हजारीबाग के नए मेयर अरविंद कुमार राणा कौन, ‘भीख मांगकर’ लड़े चुनाव; दिग्गजों पर उनकी ‘छड़ी’ भारी
हजारीबाग में मेयर बने अरविंद कुमार राणा मेयर बन गए। जनता से 'भीख मांगकर' चुनाव लड़ने का दावा करने वाले अरविंद कुमार ने मो. सरफराज अहमद को 4657 वोट से हराया।

हजारीबाग में मेयर बने अरविंद कुमार राणा मेयर बन गए। जनता से 'भीख मांगकर' चुनाव लड़ने का दावा करने वाले अरविंद कुमार ने मो. सरफराज अहमद को 4657 वोट से हराया एक और खास बात यह है कि अरविंद लोकतंत्र के दो स्तंभ रह चुके हैं और अब तीसरे की भूमिका निभाने जा रहे हैं। दरअसल, अरविंद कुमार राणा इससे पत्रकारिता और वकालत में रहे हैं।
अरविंद कुमार को कुल 23500 वोट मिले। दूसरे नंबर रहे मो. सरफराज अहमद को 18847 वोट हासिल हुए। अरविंद कुमार राणा को शुरुआत में अपेक्षाकृत कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था, लेकिन कई दिग्गजों को पछाड़कर उन्होंने सबको हैरत में डाल दिया। उनका चुनाव चिह्न 'छड़ी' था।
वोट के साथ मांगते थे पैसे
अरविंद कुमार राणा चुनाव प्रचार के दौरान वोट के साथ ही सहयोग राशि मांगते हुए दिखते थे। राणा ने कहा था कि वह भीख मांगकर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे पास चुनाव लड़ने के लिए पैसा नहीं था। लेकिन मैंने जनता के बीच रहकर सालों तक सामाजिक काम किए हैं। मैंने लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है और इसी दम पर चुना लड़ रहा हूं। मैंने हलाफनामे में बताया है कि मेरे पास 10-20 हजार रुपये ही हैं। मुझे जनता ने अभी तक एक लाख 35 हजार रुपये दिए हैं।'
हिंदुत्व पर भी रहा जोर
ललाट पर सिंदूर का तिलक और गले में भगवा अंगवस्त्र डाले अरविंद कुमार राणा ने हिंदुत्व का सहारा भी लिया। राणा जनता के बीच दावा करते थे कि असली हिंदुत्व के मुद्दे पर चलने वाले प्रत्याशी वही हैं। वह लोगों को बताते थे कि किस तरह घर वापसी जैसे मुद्दों पर वह लंबे समय से काम कर रहे हैं और बहुतों को वापस हिंदुत्व में लाए हैं। हिंदुत्व के मोर्चे पर राणा भाजपा प्रत्याशी को मात देने में कामयाब रहे।
जीत पर क्या बोले अरविंद राणा
अरविंद राणा ने जीत के बाद कहा,'हजारीबाग की प्यारी जनता के अपार प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ने मुझे भावुक कर दिया है। आज मैं सच में अभिभूत हूं और आप सभी के स्नेह के आगे नतमस्तक हूं। आपने मुझे केवल वोट देकर नहीं, बल्कि अपने भाई, बेटे और परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार कर जो विश्वास जताया है, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान है। यह जीत अरविंद कुमार राणा की नहीं, बल्कि हजारीबाग के हर उस नागरिक की जीत है जिसने बेहतर शहर का सपना देखा और उस सपने पर भरोसा किया। मैं आप सभी का दिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। आपका विश्वास मेरी ताकत है, आपकी उम्मीदें मेरा संकल्प हैं। मैं आपके भाई-बेटे के रूप में हर गली, हर मोहल्ले और हर जरूरतमंद तक विकास, स्वच्छता, बेहतर सुविधाएं और जनसेवा पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करता रहूंगा। आपका प्यार और आशीर्वाद ही मेरी प्रेरणा है। हजारीबाग को मिलकर एक स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाना ही अब हमारा साझा लक्ष्य है।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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