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पटमदा सीएचसी में गलत नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन

माचा के रैयतदारों को नौकरी मिल जाती तो नवनिर्मित भवन में पटमदा सीएचसी शिफ्ट हो जाता और क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो जाती। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य सुविधा भी आसानी से मिलती। लेकिन, विभाग को इससे कोई सरोकार नहीं है, बल्कि बाहरी को नौकरी दे रहा है।

यह आरोप सोमवार को छात्र-युवा संघर्ष वाहिनी के बैनर तले पटमदा प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान वाहिनी के संयोजक विश्वनाथ ने लगाया। कहा, यहां के आयूष चिकित्सक की मदद से बंगाल निवासी एक युवक कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहा है। इसका विरोध करते हुए दो माह पूर्व बीडीओ, प्रमुख व बीस सूत्री अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर बाहरी युवक को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। झामुवा के दीपक रंजीत ने कहा कि स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवा ठेका मजदूरी करने को विवश हैं और सरकारी पदों पर बाहरी को नौकरी दी जा रही है।

फणिभूषण ने कहा कि पटमदा के युवा अब जाग चुके हैं, अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। सभा को विश्वामित्र दास, निर्मल महतो, संतोष कुमार, गगेन महतो व असित कुमार महतो ने भी संबोधित किया। अंत में बीडीओ शंकराचार्य सामद को 6 सूत्री ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई की मांग की गई। वाहिनी ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आठवें दिन से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जायेगा।

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  • Web Title:Protest in protest against wrong placement in Patdama CHC