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वरीय अपनी गर्दन बचाने के लिए छोटे की चढ़ा देते हैं बलि

भाई, यहां तो वरीय अधिकारी गलती करते हैं और फिर गर्दन बचाने के लिए सारी जवाबदेही थानेदार के मत्थे मढ़ बलि चढ़ा देते हैं। वरीय अधिकारियों की गलतियों पर एसोसिएशन भी मदद नहीं करता है। अपनीय यह व्यथा रविवार को आदित्यपुर एसिया भवन में सरायकेला जिला पुलिस एसोसिएशन की एजीएम में चर्चित शोभापुर मॉब लिंचिंग घटना के दौरान तत्कालीन थानेदार रहे तुलेश्वर कुशवाहा ने सुनाई।

बात रखने को बैठक में आ गया : कहा, मेरा तो मन भी नहीं था कि एसोसिएशन की बैठक में शिरकत करूं, लेकिन अपनी बात रखनी थी इसलिए आ गये। मालूम हो कि शोभापुर में बच्चा चोर की अफवाह में तीन लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन थानेदार को सस्पेंड करते हुए प्रोसियूडिंग की कार्रवाई चल रही है।

मुखर हो रखीं अपनी-अपनी बातें : आम सभा के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसपी-डीएसपी व अन्य वरीय अधिकारियों के खिलाफ मुखर होकर अपनी बातें रखीं और संगठन से ठोस पहल करने की मांग की। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वरीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनपर गाज गिरती है। इसके बाद किसी पर प्रोसियूडिंग शुरू कर दी जाती है, किसी का वेतन रोक जाता है तो कोई लाइन हाजिर कर दिया जाता है।

मामले को वरीय के समक्ष रखेंगे : एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि द्वारिकानाथ ठाकुर और तुलेश्वर कुश्वाहा के मामले को वरीय अधिकारियों के समक्ष उठायेगा। इस दौरान महासचिव कृष्णा प्रसाद, केंद्रीय कमेटी से वीरेंद्र पासवान, कोषाध्यक्ष हुबलाल महतो, उपाध्यक्ष जमादार बानरा, आदित्यपुर थाना प्रभारी विजय सिंह, जयप्रकाश राणा, जगनारायण तिवारी, प्रमोद कुमार सिंह, अविनाश कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।

लंबित मांगों पर चर्चा : बैठक में पुलिसकर्मियों ने अपनी-अपनी शिकायतों को रैखा। इसके अलावा एमएसीपी व एसीपी का लाभ नहीं दिये जाने आदि मामलों पर चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों के आवास, अधिक आयु वाले व शारीरिक रूप में अक्षम पुलिसकर्मियों को एलआरपी नहीं भेजने की बात उठाई गई।

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  • Web Title:Preferred sacrifices to save their necks are sacrificed