Adityapur News: सीएचसी का भवन नहीं, दो डॉक्टर के सहारे 19 पंचायत की चिकित्सा व्यवस्था
Adityapur News: चांडिल में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। 19 पंचायत के लोग केवल दो डॉक्टरों पर निर्भर हैं। ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अपना भवन नहीं है, और यहां प्रतिनियुक्त डॉक्टर सप्ताह में केवल दो दिन आते हैं। मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा और उन्हें जमशेदपुर रेफर किया जा रहा है।

Adityapur News: चांडिल। न अपना भवन है और न ही मरीजों की संख्या के मुताबिक डॉक्टर। 19 पंचायतों के लोगों की चिकित्सा व्यवस्था दो डॉक्टरों के हवाले है। हैरानी की बात यह है कि यहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्ति पर हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की यह कहानी ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र्र की है। चांडिल की एक लाख की आबादी वाला यह क्षेत्र झारखंड गठन के 25 साल बाद भी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की बाट जोह रहा है। यहां के पीएचसी का अपना भवन नहीं होने से सामुदायिक भवन में ही चल रहा है। यहां प्रभारी डॉ. एनएच मुंडा की प्रतियुक्ति पर तैनाती हुई है। उनके जिम्मे चांडिल सीएचसी, तिरुलडीह पीएचसी भी हैं। ऐसे में वे सप्ताह में दो दिन यहां आते हैं।
स्वास्थ्य संसाधनों की स्थिति
एक अन्य डॉ.लखींद्र हांसदा भी प्रतिनियुक्ति पर हैं। भवन न होने से इन डॉक्टरों और यहां तैनात कर्मचारियों के रहने का भी कोई ठिकाना नहीं है। इसका असर यहां की व्यवस्था पर देखने को मिलता है। ईचागढ़ प्रखंड के 14 पंचायत एवं कुकड़ू प्रखंड के 5 पंचायत समेत 19 पंचायत के लोगों के इलाज का एकमात्र केंद्र यह अस्पताल है।
मरीजों की स्थिति
जानकारी के मुताबिक, ईचागढ़ सीएचसी में प्रतिदिन एक सौ से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं। जिसमें आधे वायरल फीवर के मरीज होते हैं। डॉक्टर की कमी के कारण मरीजों का समय पर सही इलाज नहीं हो पा रहा है। बेहतर इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को जमशेदपुर रेफर कर दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जन प्रतिनिधियों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने ईचागढ़ सीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने की दिशा में कभी कोई प्रयास नहीं किया। प्रयास किया होता तो तस्वीर कुछ ओर होती। पूर्व कमल क्लब के अध्यक्ष संजय मंडल ने कहा कि बदहाल हो चुकी ईचागढ़ सीएचसी की स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर लाने के लिए गंभीर प्रयास की जरूरत है।
सरकारी प्रयास
जिले में डॉक्टर की कमी है, इसके बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले और जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का हरसंभव प्रयास रहता है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्ध है।
- डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावां


