
फुटबॉल मैदान में आयोजित टुसू मेला में दिखी झारखंडी संस्कृति की झलक
आदित्यपुर में दिंदली टुसू मेला समिति द्वारा टुसू मेला का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदीप बलमुचू ने बताया कि यह पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मेले में पारंपरिक टुसू प्रतिमाएं और नृत्य-संगीत का आयोजन हुआ। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने झारखंडी लोकगीतों का प्रदर्शन किया।
आदित्यपुर। आदित्यपुर के फुटबॉल मैदान में दिंदली टुसू मेला समिति की ओर से टुसू मेला का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता सह राज्यसभा के पूर्व सांसद प्रदीप बलमुचू थे। अपने संबोधन में बलमुचू ने कहा कि टुसू पर्व झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यह पर्व न केवल लोक आस्था से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक एकता और परंपराओं को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की आवश्यकता है। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद झामुमो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भुगलु सोरेन उर्फ डब्बा सोरेन ने भी संबोधित किया।
स्व. दीपेन महतो की स्मृति में आयोजित इस मेले का आयोजन समिति के अध्यक्ष लालटू महतो की अध्यक्षता में हुई। मेले में आदित्यपुर और आसपास व दूर-दराज गांवों से लोग पारंपरिक टुसू प्रतिमा और चौड़ल लेकर पहुंचे थे। निर्णायक मंडल द्वारा श्रेष्ठ टुसू प्रतिमाओं को पुरस्कृत किया गया। मौके पर पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने झारखंडी लोकगीतों और नृत्यों की प्रस्तुति दी। आयोजन में बास्को बेसरा, रितेन महतो, सारथी महतो, शिला पॉल, मंजू पॉल, गुरजित सिंह, आदि मौजूद थे।

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