कुकड़ू : जंगल में करंट से युवा नर हाथी की मौत
जिले के कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह के पास जंगल में करंट से 30 साल के युवा नर हाथी की मौत हो गयी। हाथी के सूंड में एरियल बंच केबल लिपटा था। डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी। पिछले 11 माह में चार हाथियों की मौत हो चुकी है।

चांडिल, संवाददाता। जिले के कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह के पास जंगल में करंट से 30 साल के युवा नर हाथी की मौत हो गयी। हाथी के सूंड में एरियल बंच केबल (कवर तार) लिपटा था तथा पास में बिजली खंभा टूटकर गिरा था। संभवत: करंट लगने से हाथी की मौत हो गयी होगी। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ सबा आलम अंसारी, ईचागढ़ फॉरेस्टर मुकेश महतो, नीमडीह फॉरेस्टर राणा प्रताप महतो, चांडिल फॉरेस्टर राधा रमण ठाकुर, विद्युत सहायक अभियंता कालीनाथ सिंह मुंडा एवं थाना प्रभारी कौशल कुमार घटनास्थल पहुंचे और जांच की। ईचागढ़ भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी हरेलाल महतो एवं प्रभारी चांडिल भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी रागिनी सिंकू की देखरेख में मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद हाथी को पास में ही दफना दिया गया। वन विभाग ने मृत हाथी के 12 इंच के दांत को अपने कब्जे में ले लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की होगी पुष्टि: डीएफओ
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि शुरुआती जांच में हाथी की मौत करंट से होने की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। हाथियों की निगरानी के लिए क्यूआरटी टीम को सक्रिय किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग, एआई कैमरा और सोलर फेंसिंग जैसी व्यवस्था लागू करने की योजना है।
विद्युत विभाग सभी बिंदुओं कर रहा जांच : एई
विद्युत सहायक अभियंता कालीनाथ सिंह मुंडा ने बताया कि ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत तिरुलडीह के पास कुछ घरों में केबल से बिजली दी जा रही थी। हाथी के सूंड में केबल लिपटा था तथा पास में बिजली खंभा गिरा हुआ था। आखिर केबल में करंट कैसे आया, विभाग तमाम बिंदुओं पर जांच कर रहा है।
विद्युत विभाग का कहना है कि मामला संदिग्ध है। विभाग हर पहलु की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। इधर, मृत हाथी के पास काफी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
ऑर्गन को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा : पशु चिकित्सक
भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ. हरेलाल महतो ने कहा कि प्रथम दृष्टया हाथी की करंट से मौत हुई है। उसकी मौत बुधवार तड़के हुई है। मृत हाथी के ऑर्गन को रांची स्थित स्टेट फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
11 माह में चार जंगली हाथियों की मौत :
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पिछले 11 माह के भीतर गर्भवती हाथी समेत चार हाथियों की मौत हो चुकी है। इसमें तीन हाथियों की मौत संदिग्ध अवस्था में हुई है। पिछले वर्ष पांच जून में नीमडीह के तिल्ला स्थित आमड़ाबेड़ा में 23 वर्षीय युवा नर हाथी की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई थी। 25 जून को नीमडीह के हेवेन गांव में संदिग्ध अवस्था में 40 वर्षीय मादा हाथी की करंट से मौत हो गई थी। 14 दिसंबर को नीमडीह के चातरमा गांव में दलदल में फंसने से बीमार हाथी की मौत हो गई।
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