
हजारीबाग वन भूमि घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व CO शैलेश कुमार गिरफ्तार
संक्षेप: गिरफ्तारी के बाद उन्हें हजारीबाग में निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शैलेश वर्तमान में पंचायती राज विभाग में बतौर उप निदेशक तैनात हैं।
हजारीबाग में हुए वन भूमि घोटाले में संलिप्तता के आरोप में एसीबी ने हजारीबाग सदर अंचल के पूर्व सीओ शैलेश कुमार को बुधवार को रांची से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हजारीबाग में निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शैलेश वर्तमान में पंचायती राज विभाग में बतौर उप निदेशक तैनात हैं। शैलेश हजारीबाग सदर के एसडीओ भी रह चुके हैं।

दरअसल, एसीबी ने शैलेश कुमार को बुधवार को पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाया था। पूछताछ के बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें हजारीबाग निगरानी न्यायालय में आशा देवी भट्ट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोप है कि शैलेश कुमार ने विनय कुमार चौबे के डीसी रहने के दौरान वन विभाग की पांच भूखंडों का दाखिल खारिज किया था।
हजारीबाग वन भूमि घोटाले में गिरफ्तार विनय सिंह को जेल में सुविधा पहुंचाने के मामले में संदिग्ध जेल अधीक्षक को पुलिस तलाश रही है। लोहसिंघना थाने में सनहा दर्ज होने के बाद जेपी केंद्रीय कारा के अधीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस की कई टीम उनकी तलाश में जुटी है। इसके लिए टेक्निकल सेल का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और सीडीआर खंगाल छापेमारी कर रही है, लेकिन इसमें भी बाधा आ रही है। पुलिस को उनका मोबाइल बंद मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार एसीबी से पूछताछ के बाद एसयूवी से जेल अधीक्षक फरार हुए हैं। गाड़ी के नंबर के सहारे उनतक पहुंचने और गिरफ्तार करने की कवायद चल रही है। जेल अधीक्षक के फरार होने जैसे हाई प्रोफाइल मामले को देखते हुए उनकी तलाश में हजारीबाग पुलिस की दो टीमें निकली हैं। एक टीम रांची और दूसरी टीम पलामू पुलिस के साथ तकनीकी समन्वय बनाते हुए उन्हें ढूढ़ने का प्रयास कर रही है। समाचार लिखे जाने तक जेल अधीक्षक का कोई ठिकाना नहीं मिल पाया है।





