जेपीएससी 11वीं-13वीं में भी अभय ने लेनदेन कबूला, JPSC चेयरमैन और तीन सदस्यों पर बड़ा खुलासा
टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और बाद में सीजीएल से बहाल हुए अभय तिवारी ने स्वीकारोक्ति बयान में सीआईडी को जेपीएससी के चेयरमैन रहे एल. ख्यांग्ते के अलावा अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और डॉ अनिमा हांसदा पर संगीन आरोप लगाए हैं।

जेपीएससी की 14वीं पीटी में कथित गड़बड़ी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब जेपीएससी की 11 से 13वीं तक की परीक्षा भी संदेह के घेरे में आ गई है। टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और बाद में सीजीएल से बहाल हुए अभय तिवारी ने स्वीकारोक्ति बयान में सीआईडी को जेपीएससी के चेयरमैन रहे एल. ख्यांग्ते के अलावा अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और डॉ अनिमा हांसदा पर संगीन आरोप लगाए हैं। अभय ने 11 से 13वीं की परीक्षा में भी लेनदेन स्वीकार की है।
अभय ने सीआईडी को बताया कि नामकुम के आदित्य पांडेय ने ख्यांग्ते, अजीता भट्टाचार्य, इनके पीए ब्रजराम, जमाल अहमद, अनिमा हांसदा और टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह से संपर्क कर इंटरव्यू में सात अभ्यर्थियों के नंबर बढ़वाए थे। इसके एवज में लाखों रुपये वसूले गए थे। अभय ने सीडीपीओ परीक्षा में भी प्रति अभ्यर्थी 10 लाख लेने की बात कबूली है।
कैसे होता था खेल
अभय ने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि टीडीपीएल निदेशक रामवीर सिंह पर अभ्यर्थियों के कोड को डीकोड करने का दबाव डाला जाता था। अभ्यर्थियों की किसी न किसी जेपीएससी सदस्य से सेटिंग होती थी। जिस अभ्यर्थी की जिस जेपीएससी सदस्य से बातचीत हो चुकी होती थी, उसे उसी पैनल में इंटरव्यू के लिए डाला जाता था।
सीआईडी आज डॉ अनिमा हांसदा से करेगी पूछताछ
सीआईडी बुधवार को जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से पूछताछ करेगी। आयोग के सदस्यों की भूमिका टीडीपीएल कंपनी के चयन समेत अन्य मामलों में संदिग्ध मिली है। इस मामले में सीआईडी अजीता भट्टाचार्या से पूछताछ कर चुकी है।
तीन अभ्यर्थियों से एजेंट के जरिए हुआ था संपर्क
अभय ने सीआईडी को बताया कि लालू नाम के एजेंट के जरिए उसका संपर्क जेपीएससी से पास तीन अभ्यर्थियों से हुआ था। इसके बाद ख्यांग्ते व अजीता भट्टाचार्य के साक्षात्कार बोर्ड में इन्हें डाला गया। डीएसपी बने एक का संपर्क ब्रजलाल और एक का संपर्क पतंजलि कोचिंग के रवि कुमार के जरिए हुआ। इसके बाद इंटरव्यू पैनल सेट कर परीक्षा उत्तीर्ण कराई गई। अंतिम परिणाम जारी होने तक अभ्यर्थियों से करीब 60 लाख की वसूली की गई। अजीता भट्टाचार्य का कामकाज उनका पीए ब्रजराम देखता था। वहीं जमाल अहमद हजारीबाग के एजेंटों के जरिए अभ्यर्थियों की सेटिंग कराते थे।
जेएसएससी जेई परीक्षा मामले में एक गिरफ्तार
जेएसएससी की अभियंता बहाली परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है। अरुण परीक्षा आयोजित कराने व डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी एजेंसी बिनसिस का संचालक सह निदेशक है। पुलिस की टीम ने परीक्षा आयोजित कराने और डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी एजेंसी बिनसिस कंपनी के संचालक सह निदेशक को गिरफ्तार किया है। अरुण की संलिप्तता जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता से जुड़े केस में भी रही है। ऐसे में सीआईडी भी उसे रिमांड पर लेगी। अरुण के रिमांड के लिए सीआईडी बुधवार को कोर्ट में आवेदन दे सकती है। वहीं जेएसएससी जेई परीक्षा से जुड़े नामकुम थाना के केस को भी सीआईडी टेकओवर कर सकती है। अरुण मूलरूप से बिहार के नालंदा का निवासी है। वह मुंबई में छिपकर रह रहा था।


