जादू-टोना के शक में 75 साल के बुजुर्ग को काटकर मार डाला, परिवार की बीमारी का ठीकरा फोड़ा

लाइव हिन्दुस्तान, गुमला
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झारखंड के गुमला में 75 साल के वृद्ध को जादू-टोने के शक में आरोपी ने काटकर मार डाला। उसने बुजुर्ग पर परिवार की बीमारी का ठीकरा फोड़ा। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जादू-टोना के शक में 75 साल के बुजुर्ग को काटकर मार डाला, परिवार की बीमारी का ठीकरा फोड़ा

झारखंड के गुमला में 75 वर्षीय बुजुर्ग से हैवानियत की गई। जादू-टोना के शक में सीताराम खड़िया की कुदाल से काटकर हत्या कर दी गई। आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना सिसई थाना क्षेत्र के पोढ़ा नागफेनी गांव में शनिवार रात की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। इस संबंध में हत्या का केस दर्ज किया गया है।

सीताराम खड़िया शनिवार रात घर में भोजन करने की तैयारी कर रहा था। हाथ धोने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकला, गांव के ही एतवा उरांव ने उस पर कुदाल से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सीताराम को परिजन अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बारे में मृतक के पुत्र कुशल खड़िया ने बताया कि एतवा उसके पिता पर हमेशा डायन-बिसाही का आरोप लगाता था। उसके बच्चे या पारिवारिक का कोई भी सदस्य बीमार होता था, तब सीताराम पर जादू-टोना करने का आरोप लगा देता था। इधर, सिसई के थानेदार संजय चौबे ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

परिवार की बीमारी का ठीकरा वृद्ध पर फोड़ा

सिसई थाना क्षेत्र के पोढ़ा नागफेनी गांव में जादू-टोना के अंधविश्वास ने एक परिवार को उजाड़ दिया। आरोपी एतवा उरांव को संदेह था कि उसके बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की लगातार हो रही बीमारी के पीछे गांव के 75 वर्षीय सीताराम खड़िया का हाथ है। इसी अंधविश्वास ने उसे इतना अंधा बना दिया कि उसने कुदाल से हमला कर वृद्ध की हत्या कर दी।

घात लगाए बैठा था हत्यारोपी

जानकारी के अनुसार शनिवार रात को सीताराम खड़िया घर में हाथ धोने के लिए बाहर निकला था। तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपी ने उस पर कुदाल से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सीताराम को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र कुशल खड़िया ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी लंबे समय से उसके पिता पर डायन-बिसाही करने का आरोप लगाता था। वह अक्सर कहता था कि उसके परिवार में बीमारी फैलने के लिए सीताराम जिम्मेदार हैं। इसी गलत धारणा के कारण उसने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।

घटना की सूचना पर सिसई थाना पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पुलिस ने आरोपी एतवा उरांव को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जागरुकता और कानून के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास आज भी लोगों की जान ले रहे हैं। प्रशासन ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

Gaurav Kala

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