झारखंड पुलिस को बड़ी कामयाबी, खूंटी से पकड़े गए 6 PLFI उग्रवादी; क्या-क्या मिला

Mar 15, 2026 01:44 pm ISTMohammad Azam हिन्दुस्तान, खूंटी
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झारखंड की खूंटी पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। तजना नदी के समीप एवं कालामाटी डूंगरी के पास शुक्रवार शाम छापेमारी कर छह उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं।

झारखंड पुलिस को बड़ी कामयाबी, खूंटी से पकड़े गए 6 PLFI उग्रवादी; क्या-क्या मिला

झारखंड की खूंटी पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। तजना नदी के समीप एवं कालामाटी डूंगरी के पास शुक्रवार शाम छापेमारी कर छह उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हथियार, गोलियां और लेवी वसूली से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

एसपी मनीष टोप्पो ने शनिवार को बताया कि खूंटी में सक्रिय उग्रवादियों के नेटवर्क की गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। तजना नदी के समीप कुछ संदिग्ध लोगों के जमा होने की सूचना शुक्रवार की शाम को मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीम बनाई गई। इसके बाद एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में टीम ने तजना नदी के पास नहर किनारे छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें मुरहू के माहिल निवासी विजय भोक्ता, खूंटी के बेलाहाथी रोड निवासी धीरज कुमार और अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक राम शामिल हैं।

उग्रवादियों की हुई पहचान

पूछताछ में उनकी पहचान उजागर होने के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कालामाटी डूंगरी के पास छापेमारी की तो एसयूवी में सवार तीन अन्य उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें कुम्हार टोली निवासी शुभम कुमार पोद्दार, गिरजा टोली दादुल घाट निवासी निमिष गोप उर्फ हनी तथा रांची के हिनू पोखरटोली मिलन चौक निवासी राम अयोध्या शर्मा उर्फ राजा शर्मा शामिल हैं। पुलिस संगठन के नेटवर्क में शामिल अन्य उग्रवादियों की तलाश में जुटी है।

तलाशी में क्या-क्या मिला

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन और 22 राउंड गोली बरामद की। इसके अलावा विभिन्न नामों से खरीदे गए मोबाइल फोन की रसीदें, पीएलएफआई संगठन के पर्चे और लेवी वसूली का हिसाब लिखी नोटबुक भी बरामद हुई है। साथ ही पुलिस को व्यवसायियों और ठेकेदारों के नाम-पते एवं मोबाइल नंबर की सूची, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड तथा जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने व्यवसायियों और ठेकेदारों की जानकारी जुटाकर जेल में बंद पीएलएफआई सदस्यों को भेजने की बात स्वीकार की है।

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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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