जमशेदपुर में गरजा बुलडोजर, ढहा दिए गए 32 दुकान और घर; क्या थी वजह
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास योजना को लेकर गुरुवार को कीताडीह और खासमहल रोड पर 32 दुकान और मकानों पर रेलवे का बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया। विरोध के बावजूद रेलवे की जमीन खाली करा ली गई।

जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास योजना को लेकर गुरुवार को कीताडीह और खासमहल रोड पर 32 दुकान और मकानों पर रेलवे का बुलडोजर चला। विरोध के बावजूद रेलवे की जमीन खाली करा ली गई। कड़ी सुरक्षा में 32 से ज्यादा लीजधारी, अवैध कब्जा वाले दुकानों व मकानों को रेलवे एईएन- 2 एचके महापात्रो के नेतृत्व में तीन बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया गया। स्टेशन रोड की 65-70 वर्ष पुरानी दुकानों के टूटने से लोगों ने आक्रोश जताया। दिन में 11.30 बजे से शाम पांच बजे तक स्टेशन चौक से कीताडीह और खासमहल रोड पर 15 लीजधारी दुकानों के साथ रेलवे में प्रस्तावित नई सड़क पर चिह्नित तीन मकानों को ध्वस्त किया गया। अन्य अवैध कब्जे वाले मकान-दुकान थे।
अभियान शुरू होने से पहले लगभग दुकानदारों ने सामान निकाल लिया था, लेकिन रेलवे कर्मचारी द्वारा हूटर बजाने से दुकानदारों में अफरातफरी मच गई, क्योंकि फर्नीचर, केबुल व अन्य सामान दुकान में थे। इस दौरान दंडाधिकारी समेत 50 से ज्यादा पुलिस और आरपीएफ जवान तैनात थे। दुकानों को तोड़ने के दौरान एक दुकानदार ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनयर को धमकी भी दी, जबकि कई दुकानदार 10-15 मिनट बाद अभियान चलाने का आग्रह कर रहे थे। लेकिन रेलवे ने पूर्व निधारित कार्यक्रम के तहत एक घंटे का अतिरिक्त समय देकर पुलिस टीओपी के पास से पान दुकान और सैलून से अभियान शुरू कर दिया। मालूम हो कि टाटानगर स्टेशन विस्तार के लिए रेलवे ने कीताडीह व खासमहल रोड में 32 लीजधारी दुकानों को नोटिस भेजा था। इससे पूर्व रेलवे ने 16 जनवरी को 16 लीजधारी दुकानों को तोड़ा था। लेकिन हाईकोर्ट में अर्जी देने से 16 दुकानें बच गई थीं, जिसे हाईकोर्ट के आदेश पर गुरुवार को तोड़ा गया है। हालांकि, उपायुक्त की जांच रिपोर्ट के इंतजार में गुरुवार को महालक्ष्मी मेडिकल स्टोर को रेलवे ने नहीं तोड़ा।
जेसीबी से घर को टूटते देख बिलख पड़ी महिला
कीताडीह और खासमहल रोड से अवैध कब्जा हटाने के दौरान महिलाएं बिलख पड़ीं। रेलवे के प्रस्तावित सड़क पर एक मकान पर जेसीबी चलते ही महिला रोने लगी। हालांकि, परिजनों ने दूसरी जगह नया मकान बना लिया है। अभी उक्त मकान का इस्तेमाल गोदाम में हो रहा है, लेकिन वर्षों पुराना आशियाना टूटने से महिला सिसकने लगी। सुरक्षा जवानों ने महिला को समझाकर शांत कराया।
सड़क के बीच रह गई महात्मा गांधी की प्रतिमा
रेलवे की प्रस्तावित नई सड़क के बीच महात्मा गांधी की प्रतिमा है, जिसे कांग्रेस नेता मुन्ना मिश्रा ने वर्षों पूर्व पार्टी कार्यालय के समक्ष बनाया था। रेलवे ने कांग्रेस कार्यालय को कई महीने पूर्व अवैध कब्जा के कारण तोड़ दिया था, लेकिन महात्मा गांधी की प्रतिमा है। हालांकि देखरेख नहीं होने से स्थिति दयनीय है, जिसे लोगों ने प्लास्टिक से ढंककर रखा है। दुकानों को तोड़ने के दौरान लोगों में यह चर्चा का केंद्र था कि क्या रेलवे गांधी की प्रतिमा को हटाएगा।
जेसीबी से घर को टूटते देख बिलख पड़ी महिला
कीताडीह और खासमहल रोड से अवैध कब्जा हटाने के दौरान महिलाएं बिलख पड़ीं। रेलवे के प्रस्तावित सड़क पर एक मकान पर जेसीबी चलते ही महिला रोने लगी। हालांकि, परिजनों ने दूसरी जगह नया मकान बना लिया है। अभी उक्त मकान का इस्तेमाल गोदाम में हो रहा है, लेकिन वर्षों पुराना आशियाना टूटने से महिला सिसकने लगी। सुरक्षा जवानों ने महिला को समझाकर शांत कराया।
समय पर दुकान खाली नहीं करने में लगेगा जुर्माना
झारखंड हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित समय पर दुकान खाली नहीं करने वालों पर जुर्माना लगेगा। टाटानगर रेलवे इंजीनियरिंग विभाग हाईकोर्ट में हलफनामा देकर दुकानदारों द्वारा आदेश नहीं मानने की जानकारी दी जाएगी। बताया जाता है कि रेलवे नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी देने वालों को 18 फरवरी तक जमीन खाली कर 20 फरवरी तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश था। जबकि, रेलवे को 16 लीजधारी दुकानदारों के लिए 42 दिन में वैकल्पिक जमीन चिह्नित करने का आदेश हुआ था, लेकिन दुकानदारों ने हाईकोर्ट से निर्धारित समय पर जगह खाली नहीं की और रेलवे को अभियान चलाना पड़ा।


